सितम्बर ३०, २०१८
हिन्दूवादी संगठन ‘विश्व हिन्दू परिषद’ने (वीएचपी) निर्णय किया है कि लव जिहाद, धर्मान्तरण, गोहत्यापर निगरानी करने और धार्मिक स्थानोंकी सुरक्षा करनेके लिए नए लोगोंकी भर्ती करेगा । ऐसे लोगोंको ‘धर्म योद्धा’ कहा जा रहा है । ‘टीओआई’के समाचारके अनुसार ‘वीएचपी’के धर्मयोद्धा जिला स्तरपर कार्य कर रहे लोगोंके साथ सामंजस्य बैठाकर ऐसी घटनाओंपर दृष्टि रखेंगे, जो सामाजिक सद्भावको हानि पहुंचाती हों । ‘वीएचपी’के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसलने समाचार माध्यमोंको बताया, “धर्मयोद्धा नियुक्त करनेका उद्देश्य एक ऐसे योद्धाओंको बनाना है, जो पूर्ण रूपसे संस्कृतिकी सुरक्षा और संरक्षणके लिए समर्पित हो । यह युवाओंके मध्य राष्ट्रवादकी भावना पैदा करनेका एक प्रकार है । किसीको धर्मयोद्धाको हिंसा से जोडकर नहीं देखना चाहिए । ये धर्मयोद्धा सशस्त्र नहीं होंगे; लेकिन वे सतर्क रहेंगे और सामाजिक-सांस्कृतिक सद्भावनाको बाधित करने वाले सामाज-विरोधी तत्वोंकी निगरानी कर उन्हें चिन्हित करेंगे ।”
बंसलने आगे कहा कि ‘वीएचपी’के योद्धाओंके पास भिन्न-भिन्न कार्य हैं । देशके कई भागोंमें सक्रिय ‘वीएचपी’ने उन्हें भिन्न-भिन्न गतिविधियांमें रहनेके लिए कहा है । ‘वीएचपी’का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब उत्तरप्रदेशके मेरठमें एक मुस्लिमसे मित्रता करनेके प्रकरणमें एक युवतीका पुलिसकेद्वारा उत्पीडन किए जानेका प्रकरण उठा । अभी ऐसे समाचारोंकी पुष्टि नहीं हुई है कि पुलिसने युवतीको ‘वीएचपी’ कार्यकर्ताओंसे छुडाया था । बादमें कार्यकर्ताओंकेद्वारा एक मुस्लिम युवाको पीटे जानेका वीडियो आया था ।
सूत्रोंके अनुसार ‘वीएचपी’में भर्तियां अक्टूबरसे आरम्भ हो सकती हैं । धर्म योद्धाओंकी भर्ती गांव, ब्लॉक, तहसील और प्रान्तीय स्तरपर देश भरमें होगा और उनकी रुचिके अनुसार उन्हें कार्य सौंपा जाएगा ! यदि किसीकी रुचि गायोंकी सुरक्षा करनेमें है, तो उसे यह कार्य दिया जाएगा, इसी तरह धर्मान्तरण, लव-जिहादपर निगरानी करनेका कार्य धर्मयोद्धाओंको सौंपा जाएगा । सूत्रोंके अनुसार ‘वीएचपी’ने अपने लोगोंसे यह भी कहा है कि वे ऐसे मन्दिरोंका संज्ञान करें, जिन्हें सुरक्षाकी आवश्यकता है । एक वरिष्ठ वीएचपी नेताने बताया कि योद्धा ऐसे देवालयोंकी देखरेख करेंगे और उनके प्रबन्धनमें भी सहायता करेंगे ।
“स्वतन्त्रताके इतने वर्षोंंके पश्चात जिन हिन्दुओंको इतना अकर्मण्य, भोगी व स्वार्थी बना दिया हो कि वह स्वरक्षण करनेमें भी असमर्थ हो, नारियों और गायका तो जाने ही दें, ऐसेमें ‘विहीप’का हिन्दू रक्षा हेतु यह पग सराहनीय है” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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