मुस्लिम परिवारके २० सदस्योंने की हिन्दूधर्म स्वीकार करनेकी घोषणा


अक्तूबर २, २०१८

पुत्रकी मृत्युके पश्चात न्यायकी संघर्षमें मुस्लिम समाजका सहयोग नहीं मिलनेसे क्रुद्ध मुस्लिम कुटुम्बके २० सदस्योंने धर्म परिवर्तनकी घोषणा की है ! एसडीएम बडौतको शपथ पत्र दिया है कि वह स्वेच्छासे धर्म परिवर्तन कर रहे हैं । धर्म परिवर्तनका प्रकरण उजागर होते ही पुलिस और प्रशासन सचेत हो गए । एसडीएमने छपरौली पुलिसको प्रकरणकी जांच दी है । एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तवका कहना है कि पीडितोंका पुलिससे विरोध नहीं है, बल्कि वह अपने समाजके लोगोंसे क्रुद्ध हैं । यह प्रकरण उत्तर प्रदेशके बागपत जनपदका है ।

‘युवा हिन्दू वाहिनी’भारतके पदाधिकारियोंके साथ बदरखा गांवके अख्तर अलीके कुटुम्बके सदस्योंने एसडीएम बडौत आशीष कुमारको प्रार्थना पत्र दिया कि वह स्वेच्छासे धर्म परिवर्तन करना चाहते हैं । इसके लिए उनपर किसीका दबाव नहीं है । मंगलवारको बदरखा गांवमें आयोजित यज्ञके समय ये लोग विधिवत रूपसे हिनवदू धर्म अपनाएंगे और इनका नामकरण भी किया जाएगा । एसडीएमने पीडितोंका पक्ष सुना और छपरौली पुलिसको जांचके निर्देश दिए हैं ।

बदरखा निवासी अख्तर अलीका सबसे कनिष्ठ पुत्र गुलजार गौरीपुर निवाडामें किरायेकी दुकान लेकर कपडेकी फेरी लगानेका कार्य करता था । २२ जुलाईको उसका मृत शरीर दुकानमें पडा मिला ! पुलिसने आत्महत्याका प्रकरण बताया था । परिजनोंने कहा हत्या की गई है ! न्यायालयके आदेशपर हत्याका अभियोग प्रविष्ट कराया । परिजन इसकी वैधानिक लडाई लड रहे हैं । अख्तर अलीके कुटुम्बने कहा मुस्लिम समाजके लोगोंने उनका साथ नहीं दिया है ।

‘युवा हिन्दू वाहिनी’ भारतके प्रदेश अध्यक्ष शौकेद्र खोखर, जिलाध्यक्ष योगेन्द्र तोमर, प्रभात पहलवान, नगर अध्यक्ष सुभाष उज्ज्वलके नेतृत्वमें मुस्लिम परिवारके लोग तहसील पहुंचे और शपथ पत्र एसडीएम आशीष कुमारको सौंपे । वाहिनीके जिलाध्यक्ष योगेन्द्र तोमरने बताया कि बदरखा गांवमें आज यज्ञ होगा और इस यज्ञके समय मुस्लिम समाजके लोग हिन्दू धर्म विधिवत रूपसे अपनाएंगे और हनुमान चालीसाका पाठ करके उनका नामकरण भी किया जाएगा ।

 

“देर-सवेर घरसे गए हुए व्यक्तिको अपने घर ही वापस आना पडता है । क्या ये सभी पहले हिन्दू नहीं थे, जो परिवर्तनकर मुसलमान बनाए गए ! पुलिस प्रशासन इतनी ही चौकसी यदि हिन्दुओंके धर्म परिवर्तनपर दिखाते तो आज राष्ट्रकी यह स्थिति होती क्या ?, यह स्वयं सोचे !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



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