राममन्दिर निर्माणके लिए अयोध्यामें साधु-सन्तोंका आज से आमरण अनशन !


अक्तूबर १, २०१८

बाबरी मस्जिद-राममन्दिर विवाद प्रकरणकी सुनवाई उच्चतम न्यायालयमें चल रही है, लेकिन अयोध्याके साधु-सन्त मन्दिर निर्माणको लेकर अब प्रतिक्षा नहीं करना चाहते हैं । मोदी और योगी शासनपर दबाव बनानेके लिए सोमवारसे साधु-सन्त आमरण अनशन आरम्भ कर रहे हैं ।

राममन्दिर निर्माणके लिए तपस्वी छावनी मन्दिरके महन्त राम परमहंस दास आमरण अनशन करेंगे । रामनगरीमें अशोकके वृक्षके नीचे अनशनपर बैठेंगे । परमहंस दासने बताया कि ये अनशन तबतक जारी रहेगा, जब तक राममन्दिर निर्माणका मार्ग प्रशस्त नहीं हो जाता ।

परमहंस दासने कहा कि सभी मुसलमान चाहते हैं कि अयोध्यामें राम मन्दिरका निर्माण हो । हमारी संघर्ष मुस्लिमोंसे नहीं है । उन्होंने कहा कि हमें तो केवल राममन्दिर चाहिए । रामजन्म भूमि विश्वमें कहीं और नहीं हो सकती; इसलिए मुस्लिम भाई राममन्दिर निर्माणमें सहयोग करें । इसका सन्देश विश्व भरमें जाएगा ।

साधु सन्तोंने कहा कि हिन्दुवादी संगठनोंने मिलकर बीजेपीको सत्ता सौंपी है । इसके पश्चात भी भाजपाने अभी तक मन्दिर निर्माणकी दिशामें कोई पग नहीं उठाया है । उन्होंने कहा कि मोदी शासन जब अन्य विधान (कानून) ला सकती है, तो राममन्दिरके लिए कानून क्यों नहीं लाती ?

परमहंस दासने कहा कि मोदीका कार्यकाल पूर्ण होनेको है, लेकिन हमारी आकांक्षाएं अभी अधूरी हैं, इसलिए अब हम राममन्दिरके लिए स्वयं ही पौरुष करेंगे, इसके लिए प्राण ही क्यों न देना पडे ! उन्होंने कहा कि अनशनकी सूचना राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, मुख्यमन्त्री से लेकर जिला प्रशासनको भेज दी गई है ।

परमहंस दासने बताया कि मन्दिरमें प्रतिदिन शिलापूजनके भी कार्यक्रमका शुभारम्भ भी सोमवारसे आरम्भ किया जा रहा है । यह शिलापूजन भी मन्दिर निर्माण होनेतक अनवरत जारी रहेगा । उन्होंने कहा कि शिलापूजनमें प्रतिदिन साधु-सन्तोंके अतिरिक्त रामभक्त भी उपस्थित रहेंगे ।

 

“अपने एकमात्र राष्ट्रमें हिन्दुओंको अपने आराध्य राजा श्रीराम चन्द्रका घर नहीं मिल रहा है, इससे बडी विडम्बना और क्या होगी कि खाली झोला होनेपर सबको देने वाले साधु सन्त भी राजनेताओंके सामने गिडगिडा रहे हैं ! सम्भवतः इसे ही घोर कलिकाल कहते हैं ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आजतक



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