पति जॉन पॉलके विवाहोत्तर व्याभिचारसे परेशान होकर पत्नी पुष्पलताने की आत्महत्या !


अक्तूबर १, २०१८

उच्चतम न्यायालयने व्यभिचारको अपराधकी श्रेणीसे बाहर किया है; लेकिन इसके दुष्परिणाम भी अब दिखने आरम्भ हो गए हैं ।  ऐसा ही कुछ तमिलनाडुकी राजधानी चेन्नईमें हुआ है ! यहां २४ वर्षकी एक महिलाने इसलिए आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसके पतिने उससे कहा कि अब न्यायालयने आईपीसीकी धारा ४९७ को समाप्त कर दिया है; इसलिए अब उसे व्याभिचार करनेसे कोई बाधित नहीं सकता ।

बताया जा रहा है कि मृतकाका नाम पुष्पलता था । उसने आत्महत्याके पूर्व लिखे एक लेखमें कारण भी लिखा है । पुलिस अब मृतकाके पति जॉन पॉल फ्रैंकलिनसे (२७) इस बारेमें पूछताछ कर रही है । वह एक पार्कमें सुरक्षाकर्मीकी चाकरी (नौकरी) करता है ।

पुलिसने बताया कि दोनोंने २ वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था । दोनोंके परिजन उनके विवाहके विरुद्घ थे । विवाहके कुछ समय पश्चात पुष्पलताको ‘टीबी’का रोग हो गया और उसके पतिने उससे दूरी बना ली । पुष्पलताको अपने पतिके व्याभिचारके बारेमें उसके मित्रसे ज्ञात हुआ । इसके पश्चात उसने अपने पति जॉनसे कहा कि वह उस लडकीसे दूर रहे; लेकिन जॉनने अपनी पत्नीकी बात नहीं मानी और कहने लगा कि वह उसके विरुद्घ अभियोग नहीं कर सकती; क्योंकि न्यायालयने कहा है कि विवाहेत्तर सम्बन्ध अब अपराध नहीं है !


“यह है, सहस्त्रों वर्ष प्राचीन हमारे पूर्वजोंद्वारा समाजको सुचारु रूपसे चलानेके लिए, बनाए नियमोंमें और आजके मैकॉले पद्धतिद्वारा (शिक्षित), नियम बनाने वालोंमें अन्तर ! इस आत्महत्याका उत्तरदायी कौन होगा ? धर्मान्ध ईसाई पति अथवा नियम रचने वाले ?” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution