अक्तूबर २, २०१८
भारतके नगरोंमें आतंकियोंकी भर्तीके एक बडे षडयन्त्रको देशके जांच विभागोंने असफल कर दिया है ! जांच विभाग, राष्ट्रीय अन्वेषण विभागने (एनआइए) हाफिज सईदके उस षडयन्त्रको उजागर किया है, जिसके दिल्ली, राजस्थान, श्रीनगर, गुजरात और मुम्बईमें हाफिज सईद अपना आतंकी अड्डा बनानेमें लगा हुआ था ! ‘एनआइए’के दलने मंगलवारको श्रीनगरके दो अड्डोंपर भी छापे मारे ।
‘एनआइए’के एक वरिष्ठ अधिकारीने कहा, “हाफिज सईदके ‘जमात उद दावा’, जिसका कार्यालय पाकिस्तानके लाहौरमें है, उसने अब अपना एक और स्थान (अड्डा) दुबईमें बनाया है । साथ ही दुबईकेद्वारा कुछ हवाला व्यापारियोंकी सहायतासे दिल्ली सहित देशके कुछ राज्योंमें वित्त पोषण (फंडिंग) किया जा रहा था । हमें विश्वास है कि यह धन कश्मीरमें आतंकियोंके पास भी भेजा जा रहा है ।”
यह षडयन्त्र तब उजागर हुआ, जब ‘एनआइए’ने दिल्लीके निजामुद्दीनसे तीन हवाला संचालकोंको बन्दी बनाया । इनसे पूछताछमें यह ज्ञात हुआ कि तीनों आरोपी हाफिज सईदकी संस्था ‘फलाह ए इन्सानियत’के सम्पर्कमें थे ! इनमेंसे एक आरोपी मोहमद सलमान कामरानसे सीधे सम्पर्कमें था !
गुप्तचर विभागसे जुडे एक अधिकारीने कहा, “हमारे पास इसकी जानकारी पहले से थी कि हाफिज सईदकी ‘जमात उद दावा’का मुख्य कार्यालय जो कि पाकिस्तानके लाहौरमें है, उसने ‘आईएसआई’की सहायता से अपना एक और केन्द्र दुबईमें बनाया है । दुबईमें हम पाकिस्तानी मूलके एक व्यक्ति मोहम्मद कामरानपर हम निरन्तर दृष्टि रखे हुए थे । कामरान हाफिज सईदकी एक और संस्था ‘फलाह ए इन्सानियत’के उपसंचालकके (डिप्टी डायरेक्टर) सम्पर्कमें था । ‘फलाह ए इन्सानियत’केद्वारा मिलने वाला पैसा मोहमद कामरान दिल्लीके हवाला संचालक सलमान तक पहुचाता था ।”
एनआइएके एक अधिकारीके अनुसार हाफिज सईद हवाला संचालकोंकेद्वारा इन पैसोंको जहां कश्मीर भेजता था, जिसका प्रयोग आतंकी आक्रमणके लिए किया जाता था ! वहीं इसका एक भाग उन लोगोंको भी दिया जाता था, जिन्हें आवश्यकता होती थी,
जिससे ‘फलाह ए इन्सानियत’के प्रति सहानुभूति बनाई जा सके और फिर ऐसे लोगोका संज्ञान (पहचान) करना होता था, जिन्हें आवश्यकता पडनेपर जेहादके लिए लश्करमें भर्ती किया जा सके !
“एनजीओके नामपर ईसाई व मुसलमान धर्मान्धोंका काला कारोबार भारतमें आन्तरिक सुरक्षाके लिए भयावह संकट है । प्रशासन त्वरित ऐसे सभी तथाकथित सेवादारोंको भारतसे उठाकर बाहर फेंकें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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