ममताके विरुद्ध सडकोंपर मुसलमान, दुर्गा पण्डालोंके विरोधमें उठाई इमामोंको अतिरिक्त वेतन (स्टायपेंड) देनेकी मांग


अक्तूबर ३, २०१८

पश्चिम बंगालमें दुर्गा पण्डालोंको २८ कोटि रुपयेके अनुदानकी घोषणा करनेके पश्चात ममता बनर्जीको मुस्लिम समुदायके विरोधका सामना करना पड रहा है ! बुधवारको कोलकातामें मुस्लिम समुदायके लोग ममता बनर्जीपर भेदभावका आरोप लगाते हुए सडकोंपर उतरे ! ‘ऑल इंडिया यूथ माइनॉरिटी फोरम’के मोहम्मद कम्रुज्जमानने कहा कि जिस प्रकार ममता सरकारने दुर्गा पण्डालोंको २८ कोटि रुपयोंका अनुदान दिया है, उसी प्रकार इमाम और मुअज्जिनोंके वेतनको (स्टायपेंडको) भी बढाया जाए !

उनका कहना है कि ममता सरकार बीजेपीके पगपर चल रही है । पैसोंको लेकर पूरी राजनीति की जा रही है; इसलिए दुर्गा पण्डालोंको दिए जाने वाले अनुदानके पहले इमामके वेतनको बढाकर ५ सहस्त्र रुपये किया जाए !

ज्ञात हो कि ममता शासनके विरुद्घ रैली करने वाला संगठन ‘ऑल इण्डिया यूथ माइनॉरिटी फोरम’ तृणमूल कांग्रेसका निकटवर्ती संगठन बताया जाता है । ऐसेमें मुस्लिम समुदायकी मांग पश्चिम बंगालमें बडा राजनीतिक घमासान पैदा कर सकती है ।

ममता बनर्जीने इस दुर्गा पूजा पण्डालोंको २८ कोटि रुपयोंका अनुदान देनेकी घोषणा की थी ।
ममता बनर्जीने कहा था कि उनकी सरकार सामुदायिक विकास कार्यक्रमके अन्तर्गत प्रत्‍येक समितियोंको १० सहस्त्र रुपयेका अनुदान देगी ।

राजनीतिक जानकारोंका कहना है कि पश्चिम बंगालमें हिन्दू कार्डकेद्वारा जनाधार बढानेमें जुटी बीजेपीको उत्तर देनेके लिए ममता बनर्जीने दुर्गा पण्डालोंको अनुदान देनेका दांव खेला था ।

कहा जाता है कि ममताके इस पगसे उनके विरुद्घ  ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’का भगवा पार्टीका आरोप दुर्बल पड जाएगा । अधिकतर पूजा समितियोंमें भिन्न-भिन्न पेशों, जातियों, समुदायों और सियासी दलोंसे जुडे लोग हैं । इसका अर्थ है कि टीएमसी भिन्न-भान्न वर्गके लोगों और मतोंसे सीधे जुडेगी ।

 


“इसे कहते हैं ‘उल्टे बांस बरेलीको’, जिनका तुष्टिकरण कर इतना सिरपर बैठाया है, उनका इतिहास और वर्तमान सम्पूर्ण विश्वको ज्ञात है और अतिरिक्त वेतनकी मांग तो केवल आरम्भ है !”सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आजतक



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