अक्तूबर ३,२०१८
केरलके सबरीमालामें प्रत्येक आयुकी महिलाओंके प्रवेशको आज्ञा देनेके न्यायालयके आदेशके पश्चात देशके सभी देवालयोंमें भीतर जानेको लेकर नियमोंकी समीक्षा की जा रही है । अब वर्तमान प्रकरण महाराष्ट्रके कोल्हापुर स्थित महालक्ष्मी मन्दिरका है । यहांपर छोटे वस्त्र पहनकर आने वाले भक्तोंके लिए देवालय प्रबन्धनकी ओरसे वस्त्र बदलनेके लिए कक्ष (चेंजिंग रूम) खोला गया है ।
प्रसार माध्यमोंके अनुसार इस कक्षका आरम्भ मन्दिरमें आने वाले ऐसे भक्तोंको लेकर की गई है, जो यहांपर छोटे वस्त्रोंमें आते हैं । इसपर पश्चिम महाराष्ट्र देविस्थानके अध्यक्ष महेश जाधवने कहा कि श्रद्धालुओंकी विनतीके पश्चात सभी महिला-पुरुष भक्तोंसे विनती की जाती है कि वे महालक्ष्मी मन्दिर, कोल्हापुरमें छोटे वस्त्र पहनकर दर्शन न करें ।
उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई भक्त छोटे वस्त्र पहनकर देवालयमें आ ही जाता है तो उन्हें वस्त्र बदलनेके लिए व्यवस्था कक्ष (फैसिलिटी रूम) उपलब्ध कराया जाएगा । इसमें जाकर छोटे-तंग वस्त्र पहनकर आने वाले भक्त अपने वस्त्र बदल सकेंगे, जिसके पश्चात वे देवालयके भीतर जाकर दर्शन कर सकेंगे । यद्यपि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि देवालयमें आने वाले ऐसे श्रद्धालु, जो छोटे वस्त्र पहनकर आते हैं, वो इस कक्षमें वस्त्र कैसे बदलेंगे ? अर्थात् जो भी भक्त छोटे वस्त्र पहनकर देवालय पहुंचा हो, वो अपने साथ दूसरे वस्त्र लेकर भी आया हो, यह आवश्यक नहीं है । ऐसेमें जब भक्तके पास दूसरे वस्त्र ही नहीं होंगे, तो वो कैसे बदलेगा, इस पर प्रश्नचिह्न है ।
“भक्त सर्व नियमोंका पालन स्वतः ही करता है ! और जिसे यह सरलसा नियम व सिद्धान्त ज्ञात नहीं, वह देवदर्शनके योग्य ही नहीं है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : पत्रिका
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