अक्तूबर ११, २०१८
मेरठके एक देवालयमें (मन्दिरमें) प्रतिमा (मूर्ति) रखनेसे मना करनेपर दलित परिवारोंने धर्म परिवर्तनकी चेतावनी दी है ! प्रकरण इंचौली थानाक्षेत्रके मसूरी गांवका है । गांवके लगभग ५० दलित परिवारोंने इस्लाम धर्म स्वीकार करनेकी चेतावनी दी है । इसके पश्चात जिला प्रशासनमें हडकम्प मचा हुआ है । लोगोंका आरोप है कि गांवके कुछ लोग हैं, जो देवालयमें काली मांकी प्रतिमा नहीं रखने दे रहे हैं, जिसके कारण दलित परिवार नाराज हैं । इस मांगको लेकर ग्रामीण जिलाधिकारीके आवासपर भी पहुंचे, जहां उन्होंने जिलाधिकारीको पूरा प्रकरण बताया । ग्रामीणोंने चेतावनी दी है कि यदि प्रतिमा देवालयमें नहीं लगाई गई, तो वो धर्मपरिवर्तन कर लेंगे ! जिलाधिकारीने प्रकरणकी जांच एसपी देहातको सौंप दी है ।
मूर्ति स्थापित न करने देनेका विरोध करने वाले राजकुमारने एएनआईसे कहा कि हम हिन्दू हैं । यदि हम मां कालीकी प्रतिमाको देवालयमें स्थापित नहीं कर सकते तो हम कहां जाएं ? इससे तो अच्छा यही है कि धर्म परिवर्तन कर लें ! क्रोधित लोगोंका आरोप है कि हिन्दू होनेके पश्चात भी उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है । तो क्यों न वो धर्मपरिवर्तन कर मुस्लिम ही बन जाएं !
एडीएम रामचन्द्रने बताया कि विरोध करने वालोंका कहना है कि वे एक देवालयमें मां कालीकी प्रतिमा स्थापित करना चाहते थे; लेकिन कुछ स्थानीय लोगोंने इसका विरोध किया और उन्हें ऐसा करनेसे रोक दिया । प्रकरणकी जांच होगी । उनके धर्म परिवर्तनकी मांगके बारेमें अभी ज्ञात नहीं है ।
वहीं, एसपी देहातका कहना है कि ऐसा कोई प्रकरण नहीं है । उन्होंने कहा कि कुछ ग्रामीण देवालयके भीतर एक प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं, जिसके लिए देवालयकी समितिने मना कर दिया, इसलिए अब वो इस प्रकरणपर दूसरे पक्षसे भी बात करेंगे । दोनों पक्षोंके साथ बात करके समस्याका हल निकाला जाएगा ।
“हिन्दुओंकी बुद्धिभ्रष्टताकी अति इतनी हो चूकी है कि कोई तो मां कालीकी प्रतिमा ही नहीं लगने दे रहा और कोई प्रतिमा न लगनेपर, अपने पूर्वज, जिन्होंने धर्म हेतु प्राण त्याग किए, उनकी कीर्ति धूमिल कर मुसलमान बननेको सज्ज है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
Leave a Reply