अक्तूबर १४, २०१८
अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयके १२०० छात्रोंने विश्वविद्यालय प्रशासनके विरुद्घ विरोधी रवैया अपना लिया है । ये प्रकरण कश्मीरमें आतंकी मन्नान वानीके मारे जानेसे जुडा हुआ है । ‘एएमयू’के छात्रोंने कहा है कि प्रशासनने कुछ विद्यार्थियोंपर अनुचित ढंगसे कार्यवाही की है । छात्रोंका कहना है कि २ निलम्बित विद्यार्थियोंपर लगे देशद्रोहके अभियोग वापस नहीं होते हैं तो अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयके १२०० छात्र अपनी शैक्षणिक उपाधि (डिग्रियां) वापस कर देंगे !
बता दें कि एएमयूके मन्नान वानीके मारे जानेके समाचार आनेके पश्चात विश्वविद्यालयमें कथित रूपसे उसके लिए नमाज पढनेका प्रयास किया गया था । एएमयूके कैनेडी हॉलमें लगभग १५ छात्र एकत्र हुए थे और यहां पर उन्होंने नमाज पढनेका प्रयास किया था । इसके पश्चात २ छात्रोंको निलम्बित कर दिया गया था और उनपर देशद्रोहके अभियोग प्रविष्ट किए गए ।
एएमयूके पूर्व छात्र नेता सज्जाद सुभान राथरने एएमयू प्रशासन और अलीगढ एसएसपीको पत्र लिखा है । पत्रमें कहा गया है कि कैनेडी हॉलमें छात्र नमाज पढनेके लिए नहीं बल्कि कश्मीर घाटीमें बढती हिंसा और मौतोंपर एक चिन्तन बैठक बुलाई गई थी, इसी मध्य एएमयू सुरक्षाकर्मियोंने बैठे हुए छात्रोंपर लाठी चलाना आरम्भ कर दिया । छात्रोंका कहना है कि यदि २ छात्रोंपर देशद्रोहका अभियोग वापस नहीं होते हैं तो एएमयूके १२०० विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक उपाधियां (डिग्रियां) विश्वविद्यालयको वापस कर देंगे !
“इन छात्रोंकी शैक्षणिक उपाधियोंका ऐसे भी कोई लाभ नहीं; अतः केन्द्र शासन हस्तक्षेप कर त्वरित इन आतंकका पोषण करने वाले तथाकथित पूर्व व वर्तमान छात्रोंकी डिग्रियां वापस लें, क्योंकि कडी कार्यवाही बिना ऐसे ही विश्वविद्यालयोंसे राष्ट्रद्रोही निकलते रहेंगें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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