मार्कंडेय काटजूने योगी आदित्‍यनाथको १८ जनपदकी सूचि भेजकर इनके भी नाम परिवर्तनको कहा


अक्तूबर १६, २०१८

उच्चतम न्यायालयके पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजूने इलाहाबादका नाम परिवर्तित कर ‘प्रयागराज’ करनेके सम्बन्धमें टिप्पणी की है । न्यायाधीश काटजूने ‘फेसबुक’पर लेख लिखकर योगी आदित्यनाथको परामर्श दियाक्षहै कि वह कुछ अन्य नगरोंके नाम भी परिवर्तन कर दें । उन्होंने अपनी सूचिमें उन नगरोंके वर्तमान नामोंके स्थानपर वैकल्पिक नाम भी सुझाए हैं ।

पूर्व न्यायाधीश काटजूने ‘फेसबुक’पर अपने लेखमें लिखा, “प्रयागके रूपमें इलाहाबादका पुनर्नामकरण करनेके लिए बधाई; लेकिन निश्चित रूपसे यह पर्याप्त नहीं है । मेरा सुझाव है कि इन बाबरकी औलादोंके नामको समाप्त करनेके लिए उत्तरप्रदेशके नगरोंके आगेके नाम परिवर्तन किए जाएं । इस प्रकारकी दयालुताके लिए याचकके लिए प्रार्थना है ।”

काटजूका सुझाव है कि अलीगढको अश्वत्थामा नगर, आगराको अगस्तय नगर, गाजीपुरको गणेशपुर, शाहजहांपुरको सुग्रीवपुर, मुजफ्फरनगरको मुरलीमनोहरनगर, आजमगढको अलकनंदापुर, हमीरपुरको हस्तिनापुर, लखनऊको लक्ष्मणपुर, बुलंदशहरको बजरंगबलीपुर, फैजाबादको नरेन्द्र मोदी पुर, फतेहपुरको अमितशाहनगर, गाजियाबादको गजेन्द्र नगर, फिरोजाबादको द्रोणाचार्य नगर, फर्रूखाबादको अंगदपुर, गाजियाबादको घटोत्कचनगर, सुल्तानपुरको सरस्वतीनगर, मुरादाबादको मनकीबात नगर, मिर्जापुरको मीराबाई नगर कर दिया जाए !
“यद्यपि, काटजूने यह बात व्यंग्यात्मक रूपसे कही हो, तथापि हम इसका सहृदय समर्धन करते हैं; क्योंकि इसे लोगोंको ज्ञात होगा कि कैसे क्रूर बाबर वंशज इस राष्ट्रपर आज भी छाप बनाए हुए है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जनसत्ता



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution