अक्तूबर १८, २०१८
पाकिस्तानके गुप्तचर विभागको देशकी सुरक्षासे सम्बन्धित सूचनाएं देनेके आरोपोंमें पकडे गए मेरठ सेनाक्षेत्रमें (कैंटमें) तैनात फौजीको चंडीगढमें पूछताछके पश्चात फिर मेरठ लाया गया है । गुप्तचर विभाग उसके माध्यमसे पक्के साक्ष्य जुटाते हुए जांचमें जुटी है । यह फौजी दो वर्ष पूर्व जम्मू कश्मीरमें था और अब फिर नवीन तैनातीपर वहां जाने वाला था । मेरठ कैंटके फौजी कंचन सिंहको गुप्तचर विभागने पाकिस्तानके गुप्तचर विभाग ‘आईएसआई’को सूचनाएं भेजनेके आरोपोंमें कुछ दिवस पूर्व पकड लिया था । जिस विभागमें यह फौजी तैनात था, उसका मुख्यालय वेस्टर्न कमांड चण्डीगढमें है । संवेदनशील होनेके चलते फौजीको चण्डीगढ ले जाया गया था, जहां नार्दन कमांड और वेस्टर्न कमांडके अधिकारियोंने उससे पूछताछ की । उच्चस्तरीय सूत्रोंके अनुसार गुरुवार, १८ अक्तूबरको फौजीको पुनः मेरठ लाया गया । बताया जा रहा है कि यह फौजी फोन कॉल और सामाजिक प्रसार माध्यमके द्वारा पाकिस्तानी गुप्तचर विभागके दलालोंके सम्पर्कमें था । इससे मिले साक्ष्यके आधारपर जांच विभाग ‘आईएसआई’के नेटवर्क तक पहुंच सकती है ।
मूल रूपसे यह जवान उत्तराखण्डके बागेश्वर प्रान्तके बिलौनी गांवका रहने वाला है । गुरुवारको मेरठमें वायुसेना सहित देशभरके कई जांच विभाग डेरा डाले रहीं ।
सेना गुप्तचर विभाग (आर्मी इंटेलिजेंस), ‘आईएसआई’के दलालोंकी खोजमें जुटी थी । इसीका पीछा करते हुए मेरठमें तैनात फौजीकी कुछ वार्ताएं पाकिस्तानमें हुई ! तीन माह तक फौजीको सर्विलांसपर रखा गया, जिसके पश्चात गत दिवसों इसे उठा लिया गया ।
“आए दिन भारतीय लोगोंका ‘आइएसआइ’के सम्पर्कमें होना यही दिखाता है कि पाकिस्तान किसप्रकारसे भारती विरोधी दुष्कृत्योंमें संलिप्त है; अतः अब उसे दण्ड दिया जाना आवश्यक हो गया है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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