अक्तूबर २१, २०१८
सीताढीके नगर थानेके मधुबन व मुरलियाचक और रीगा थाना क्षेत्रके रमनगरा गांवमें प्रतिमा विसर्जनके समय शुक्रवार व शनिवार, (१९, २० अक्तूबरको) दो पक्षोंमें हिसंक झडप हुई । देखते ही देखते इसने विकराल रूप ले लिया ! स्थिति नियन्त्रित करनेके लिए पुलिसको एक दर्जनसे अधिक हवाई गोलीबारी करनी पडी । प्रदर्शनकारियोंपर आधा दर्जनसे अधिक आंसू गैसके गोले भी छोडे गए ! झडप व रोडेबाजीमें एसपी विकास वर्मन, डुमरा बीडीओ मुकेश कुमार,रीगा सीओ रामउरांव सहित डेढ दर्जनसे अधिक पुलिसकर्मी चोटिल हो गए ! प्रदर्शनकारियोंने आधा दर्जनसे अधिक मोटरसाइकिल, कार, ठेला व दुकानोंमें आग लगा दी ! कई पुलिस वाहनोंको भी क्षतिग्रस्त कर दिया ! एसपी विकास वर्मनने बताया कि घटनास्थलके निकट एक व्यक्तिका शव मिला है ! मरने वाला व्यक्ति कौन है ?, यह ज्ञात किया जा रहा है । उसकी मृत्यु कैसे हुई ?, यह भी अभी तक ज्ञात नहीं है । डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह व एसपी विकास वर्मनने संयुक्त रूपसे बताया कि स्थिति पूर्ण रूपसे नियन्त्रणमें है । सावधानीके लिए सदर अनुमण्डल क्षेत्रके तनावपूर्ण क्षेत्रमें ‘धारा-१४४’ लागू कर दी गई है । डीएमने बताया कि शुक्रवार, १९ अक्तूबरको देर रात्रि मधुबनमें प्रतिमा विसर्जन जुलूसके समय कुछ असामाजिक तत्वोंने दोनों पक्षोंमें तनाव उत्पन्न करनेका प्रयास किया, रोडेबाजी भी हुई, लेकिन प्रशासनकी तत्परतासे मधुबन गांवकी घटनापर नियन्त्रण पा लिया गया था । भारी संख्यामें पुलिस बल तैनात किया गया था; लेकिन शनिवार, २० अक्तूबरको प्रातः गोशाला रोडकी ओर से आ रहे प्रतिमा जुलूसपर मुरलिया चकके समीप कुछ असामाजिक तत्वोंने पत्थर मारने आरम्भ कर दिए ! इसमें कई लोगोंके चोटिल होनेकी सूचना है । पत्थर मारनेके पश्चात् दोनों पक्ष हिंसक हो गए ! वहां पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस जवानोंपर लोगोंने पथराव किया ! स्थितिको नियन्त्रित करनेके लिए पुलिसको लाठी चलानी पडी ! हवाई गोलीबारी व आंसू गैसके गोले भी छोडने पडे ! प्रदर्शनकारियोंने कई दुकानोंमें लूटपाट भी की । इधर, मुरलिया चक और मधुबन गांवकी घटनाके पश्चात् शनिवार दोपहर नगरके राजोपट्टीमें स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसे नियन्त्रित करनेके लिए लाठी चलानी पडी । देर शाम तक स्थिति प्रशासनके नियन्त्रणमें थी । डीएम व एसपी सहित जनपदके सभी वरिष्ठ अधिकारी नगरमें गश्त कर रहे थे । इधर, देर शाम आईजी सुनील कुमार व डीआईजी अनिल कुमार सिंहने भी वहां पहुंच प्रकरणकी जांच की । जनप्रतिनिधियोंके साथ मिलकर शान्ति यात्रा भी निकाली ।
“प्रथम बंगाल, उसके पश्चात् बिहारमें धर्मान्धोंकी बृहद होती संख्या चिन्ताका विषय है । इतनी संख्यामें वे हिन्दुओंको मारते हैं, यदि इसे रोका नहीं गया तो स्थिति अवश्य भयावह हो सकती है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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