महबूब खानने ‘वीडियो कॉल’से दिया तीन तलाक; पत्नीको भाईसे हलाला करानेको कहा !


अक्तूबर २२, २०१८

मुजफ्फरनगर : तीन तलाक और हलालाके विरुद्घ केन्द्र शासनने विधान (कानून) बनाकर दण्डका प्रावधान कर दिया हो, लेकिन अब भी देशमें इसप्रकारके प्रकरण प्रायः सामने आ रहे हैं । देशके कई क्षेत्रोंमें यह विधान बननेके पश्चात भी मुस्लिम महिलाओंके विरुद्घ होने वाले अत्याचार रुक नहीं रहे हैं । अब ऐसा ही प्रकरण उत्तरप्रदेशके मुजफ्फरनगरसे सामने आया है । यहां पतिने अपनी पत्नीको विदेशसे वीडियो कॉल कर ‘तीन तलाक’ दे दिया ! इतना ही नहीं घर लौटकर उसने बलपूर्वक पत्नीसे सम्बन्ध बनाए ! जब वह गर्भवती हो गई तो कहा कि भाईके साथ हलाला करे ! जब पत्नीने इसका विरोध किया तो उसने उसे बेल्टसे पीटा ! अब उस पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह अब पतिके भाईके साथ सम्बन्ध बनाए ।

यह प्रकरण मुजफ्फरनगरके थाना शहर कोतवाली क्षेत्रके सुजडू गांवका है । यहांपर इदरीशने अपनी पुत्री नुसरत जंहाका निकाह ७ दिसम्बर २०१७ को मुजफ्फरनगरके थाना नई मंडी क्षेत्रके कुकडा निवासी महबूब खानसे किया था । विवाहके पश्चात नुसरतको उसके ससुराल वाले दहेजके नाम पर परेशान करने लगे । विवाहके एक माह पश्चात नुसरतका पति महबूब खान कार्यके लिए कतर चला गया । कुछ दिवसों पश्चात् वह कतरसे फ्रांस चला गया ।

पतिके विदेश जानेके पश्चात् ससुराल वाले नुसरतके साथ मारपीट करने लगे । जब नुसरतने अपने पतिको अपनी विपत्ति बताई तो उल्टा उसने उसे ही डांट दिया ! २५ जुलाई २०१८ मेहबूबने नुसरतको फ्रांससे वीडियो कॉलिंग की और कहा कि मैं तुझे तलाक दे रहा हूं । तलाक-तलाक-तलाक ! ९ अगस्तको महबूब खान फ्रांससे वापस घर आया । घर आने पर उसने नुसरतके साथ बलपूर्वक सम्बन्ध बनाए ! कुछ दिवसों पश्चात् नुसरत गर्भवती हो गई । पत्नीको वापस पानेकी इच्छामें महबूब खान नुसरतको मुजफ्फरनगरके बिलासपुर मदरसेमें ले गया । वहांके मौलवीसे पत्नीको वापस पानेके लिए फतवेमें परामर्श मांगा, जिसमें मौलवीने कहा कि शौहरने चलभाषपर अपनी पत्नीको तलाक दिया है और अभी इद्दत पूरी नहीं हुई थी । दोनोंके इसी मध्य सम्बन्ध भी बने । तलाकके पश्चात् पतिके लिए पत्नी ‘हराम’ हो जाती है । पतिने बिना इद्दतके पत्नीसे सम्बन्ध बनाए, जो कि एक बडा अपराध है । इस सम्बन्धके पश्चात् जो बच्चा होगा वो ‘साबित उल नसब’ ही कहलाएगा । नुसरत जंहा और महबूब खान ही उस बच्चेके मां-बाप होंगे । यदिअब दोनों पति-पत्नीकी भांति रहना चाहते है तो उसके लिए ‘हलाला’ अवश्य होगा । उसका नियम यह है कि बच्चेके जन्मपर ये तीन तलाककी इद्दत पूरी होगी ।

नुसरत जहांकी किसी अन्य व्यक्तिसे सम्बन्ध बनाए और फिर जब वह व्यक्ति अपनी इच्छासे तलाक देगा तो नुसरत जहांको इद्दत पूर्ण करनी होगी । उसके पश्चात् अपने पहले पति महबूब खानसे निकाह योग्य कहलाएगा ! मौलवीसे फतवा लेनेके पश्चात् नुसरत जहांका पति महबूब खान अपनी पत्नीपर अपने भाईके साथ ‘हलाला’ करनेका दबाव बनाने लगा, जो नुसरतको स्वीकार नहीं था । वह अपने घर चली आई । अब वह न्याय चाहती है कि उसे न्याय मिले ।

उन लोगोंने न केवल उसपर अत्याचार किए, बल्कि उसे दोराहेपर खडा कर दिया, जहां न वो पतिकी हो सकती है और न ही अपने गर्भमें पल रहे बच्चेको पिताका नाम दे सकती है । लाचार परेशान पीडित नुसरत और उसके परिवार वालोंने पुलिससे न्यायकी प्रार्थना की है, जिसमे नुसरतने अपने पति, देवर, नन्दोई और सासपर शारीरिक और मानसिक यातनाएं देनेका वर्णन किया है, लेकिन पुलिसने अभी तक आरोपियोंके विरुद्घ कोई कार्यवाही नहीं की, बल्कि इसके विपरित पीडिता और उसके परिजनोंपर अभियोग प्रविष्ट कर दिया । वहीं इसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमारका कहना है कि अभी तक यह प्रकरण मेरे संज्ञानमें नहीं था, समाचारके माध्यमसे जानकारी हुई है । पीडिताकी परिवादपर पूरे प्रकरणकी जांच कराइ जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधारपर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी ।
“प्रशासनको इसमें संज्ञान लेकर कठोर-से-कठोर कार्यवाही करनी चाहिए । बिना दण्ड और भयके इस सैकडों वर्षोंसे चली कुप्रथाको समाप्त नहीं किया जा सकता !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जी न्यूज



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