अक्तूबर २४, २०१८
बी. आर. अम्बेडकरके पोते और भारिप बहुजन महासंघके अध्यक्ष प्रकाश अम्बेडकरने ‘वंदे मातरम’को लेकर विष तुल्य वक्तव्य दिया है । अम्बेडकरने कहा है कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ गाते हैं, वो राष्ट्र विरोधीसे कम नहीं हैं !
महाराष्ट्रके परभनीमें समाचार वाहिनियोंको सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब देशमें पहलेसे ही राष्ट्रगान (जन-गण-मन) है तो वंदे मातरमकी (राष्ट्रगीत) क्या आवश्यकता है ?
उन्होंने कहा, “जन गण मन राष्ट्रगान है, न कि वंदे मातरम ! जब आधिकारिक राष्ट्रगान है तो किसी दूसरी चीजकी क्या आवश्यकता ?”
प्रकाश अम्बेडकरने कहा कि आप राष्ट्रगानमें विश्वास क्यों नहीं रखते ? साथ ही अम्बेडकरने ये भी कहा कि राष्ट्रगान गाने वाले लोग राष्ट्रवादी कहलाते हैं, लेकिन यदि कोई ‘वंदे मातरम’ नहीं गाता है तो वह गद्दार कैसे हो सकता है ? उन्होंने पूछा कि वंदे मातरम न गानेपर देश विरोधीका प्रमाण पत्र देने वाले ये कौन लोग हैं ? अम्बेडकरके इस वक्तव्यको उस विवादसे जोडकर देखा जा रहा है, जिसमें ये बात सामने आती रहती है कि देशके अल्पसंख्यक समुदायको वंदे मातरम गानेसे विरोध है !
“निधर्मी लोकतन्त्रमें हिन्दुओंको दलित और भिन्न समूहोंमें विभाजित कर लडवाने वाले ऐसे विधर्मी नेता अपनी कुर्सीके अतिरिक्त क्या कभी राष्ट्रके शुभचिन्तक हो सकते हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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