अक्तूबर २५, २०१८
मुम्बईमें २३ वर्षके एक छात्रने अपना घर छोड दिया है । छात्रके कट्टरपन्थी होनेका सन्देह है । पुलिसका मानना है कि यह छात्र सम्भवतः खाडी देश चला गया है । प्राथमिकी प्रविष्ट कराने वाले परिवारने पुलिसको बताया है कि छात्र जगदीश दालाराम परिहारने अपने भाईको चलभाषपर बताया है कि वह इस्लाम स्वीकार करने जा रहा है ! उसने कहा है कि वह हिन्दू धर्मको घृणा करता है !
परिवारने कहा कि परिहार मुम्बईके मुलुण्डका रहने वाला है । वह समाचार माध्यमपर एक महिलाके साथ लिखित वार्तालाप (चैट) करता था । यह महिला एक पाकिस्तानी नागरिक थी । मंगलवार, २३ अक्तूबरको घर छोडनेसे पूर्व अपने साथ वह अनुमति-पत्र (पासपोर्ट) सहित सभी लिखित-पत्र (दस्तावेज) ले गया है । उसने बैंक खातेसे पैसे भी निकाल लिए ! पुलिस अधिकारीने कहा कि परिहारने गुरुवार, २५ अक्तूबरको प्रातः अपने कुटुम्बके सदस्योंको चलभाष किया और बताया कि वह सुरक्षित है और वह डेढ माह पश्चात् घर वापस आएगा !
पुलिस अधिकारीने कहा, “मंगलवारको घर छोडनेके पश्चात् उसने अपने अनुज भ्राता भावेशको चलभाष किया और उससे कहा कि वह हिन्दू धर्मसे घृणा करता है; इसलिए इस्लाम धर्म स्वीकार करने जा रहा है ! इसके पश्चात् उसके परिजनोंने मुलुंड थानेमें लापता होनेका विवरण प्रविष्ट कराया ।’
पुलिसकी जांचमें अन्तिम लोकेशन अन्तर्राष्ट्रीय वायुयानतल (हवाई अड्डा) बता रही थी । भाईने बताया कि महिलासे उसे वार्ता करनेसे रोका गया था, लेकिन उसने इसपर ध्यान नहीं दिया था ।
“हिन्दू महिलाओंकी भांति अब पुरुष भी धर्मान्धोंद्वारा रचित इस लव-जिहाद रूपी षडयन्त्रका लक्ष्य बनने लगे हैं ! मुसलमान अपनी सन्तानोंको बाल्यकालसे ही विषकी घुट्टी पिलाता है, जिससे उनका उद्देश्य छल-बलसे केवल इस्लाम फैलाना होता है; अतः हिन्दू अपनी सन्तानोंको बाल्यकालसे ही सर्वसंस्कार व धर्मशिक्षण दे व स्वयं भी इसका पालन करें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : दैनिक जागरण
Leave a Reply