श्रीगुरु उवाच


वनस्पति, प्राणी, मानव इत्यादिमें साम्यवाद नहीं । इतना ही नहीं, पृथ्वीपर ७०० कोटिसे अधिक मानवोंमें किन्हीं  दोके धन, शिक्षण, शरीर, मन, बुद्धि तथा चित्तमें भी समानता नहीं ।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution