अक्तूबर ३०, २०१८
कानपुरमें एक नवविवाहिता मुस्लिम महिलाको उसके पतिद्वारा चलभाषपर तीन तलाक देनेका प्रकरण सामने आया है, जिसके पश्चात् पीडिता न्यायके लिए अधिकारियोंके चक्कर काट रही है । पीडिताने पुलिसमें अपने पति और ससुराल वालोंके विरुद्घ प्रकरण प्रविष्ट कराया है । पुलिसने पीडिताकी परिवादपर मारपीट, धमकी देने तथा दहेज उत्पीडनका अभियोग प्रविष्ट कर लिया है ।
जानकारीके अनुसार, पनकी कांशीराम आवास योजनामें रहने वाली सुमैराका निकाह इसी वर्ष मार्चमें बाबूपुरवा निवासी शारिकसे हुआ था । निकाहमें दो लाख व्यय हुए थे । इसके पश्चात् भी पति दहेजमें मोटरसाइकिल और एक लाखकी मांगको लेकर सुमैराको परेशान कर रहा था । कुछ दिवस पूर्व चार माहकी गर्भवती सुमैराको ससुरालसे निकाल दिया गया तो वो मायके आकर रहने लगी । पीडिताके मायके वाले अपने दामादको मनानेका प्रयास किए, लेकिन कुछ दिवस पूर्व ही शारिकने चलभाषपर सुमैराको तीन तलाक बोलकर सम्बन्धको समाप्त कर दिया ।
सुमैराने पनकी थानेमें परिवाद दी है । पुलिसने आईपीसीकी ‘धारा ४९८ ए, ३२३, ५०४, ५०६ तथा ३/४ डीपी ऐक्ट’के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट कर लिया । जानकारी देते हुए पुलिसने बताया कि पीडिताकी परिवादपर दहेज उत्पीडनके अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट कर लिया गया । तीन तलाकपर विधिक परामर्श मांगा गया है, आवश्यक हुआ तो धाराएं बढाई जाएंगी । पुलिसने बताया कि तीन तलाकपर विधान बननेके पश्चात् चलभाषपर दिए गए तलाकका कानपुरमें ये प्रथम प्रकरण है । वहीं, पीडिताको पूर्ण विश्वास है कि कानून उसका साथ देगा और उसके पेटमें चार माहका बच्चा छोडकर उसे त्यागने वाले पतिको दण्ड अवश्य मिलेगा ।
“मुस्लिम महिलाओंकी स्थिति वास्तवमें हृदयविदारक है ! इसीसे इस्लाममें नारीके सम्मानका बोध होता है और तथाकथित बुद्धिजीवि सनातन धर्मकी इतनी सुन्दर व्यवस्थाके बाद भी विरोध करते हैं, यह हास्यास्पद ही है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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