नवम्बर ५, २०१८
कर्नाटक सरकारने इस वर्ष १० नवम्बरको टीपू सुल्तानका जन्मदिवस मनानेका निर्णय किया है । चूंकि इस आयोजनमें अब कुछ ही दिवस शेष हैं; इसलिए सरकारने कार्यक्रमके लिए तैयारियां भी तेज कर दी हैं । यद्यपि इस आयोजनका विपक्षने कडा विरोध किया है; लेकिन विपक्षके विरोधको अनदेखा करते हुए प्रदेशके मुख्यमन्त्री एचडी कुमारस्वामीने ये स्टष्ट कर दिया है कि सरकार अब अपने पग पीछे नहीं लेगी !
कर्नाटकमें विपक्षमें बैठी भाजपा इस टीपू जयंती मनानेके प्रस्तावका आरम्भसे विरोध कर रही है । इस प्रस्तावको कर्नाटकके पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैयाने रखा था । केन्द्रीय मन्त्री अनन्त कुमार हेगडेने इस विरोधमें एक पग और आगे बढा दिया है । अनन्त कुमारके ओएसडीने उनकी ओरसे एक पत्र कर्नाटकके मुख्य सचिवको लिखकर सरकारसे कहा है कि उन्हें इस कार्यक्रमके आयोजनका न्यौता न भेजा जाए !
पत्रमें लिखा है, “केन्द्रीय मन्त्री अनन्त कुमार हेगडे १० नवम्बरको लोगोंके विरोधके पश्चात् भी टीपू जयन्ती मनानेके कर्नाटक सरकारके निर्णयकी निंदा करते हैं । इतिहास साक्षी है कि टीपू हिन्दू और कन्नड विरोधी था । इससे पूर्व भी सरकारने जब इस पगपर आगे बढनेका प्रयास किया था तो पूरे प्रदेशमें इसके विरुद्घ प्रदर्शन हुए थे और राज्य भरमें हिंसाकी घटनाएं हुईं थीं ! ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन सभी बातोंके पश्चात् भी सरकार उन्हें महिमामंडित करना चाहती है ! हम इसकी निंदा करते हैं ।
मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि कृपया टीपू जयंतीके लिए आमन्त्रित अतिथियोंकी सूचिमें मेरे नामका उल्लेख न करें !
– सधन्यवाद, विजय कुमार तोरगल (ओएसडी)”
स्रोत : जनसत्ता
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