नवम्बर ५, २०१८
सीरियासे निकलकर आईएस अब भारतमें भी अपने पैर जमानेके प्रयासमें जुटा है ! ‘इंडियन मुजाहिदीन’के साथ मिलकर यहां अपना नेटवर्क बनानेकी तैयारीमें है ! आईएम, लश्कर-ए-तैयबा और हरकत उल अंसार आतंकी संगठनोंके भी आपसमें सम्पर्क खोजे जा रहे हैं । सुरक्षा विभागका मानना है कि आईएम ही आईएसको भारतमें सक्रिय करानेकी तैयारीमें है और उसके लक्ष्यपर एनसीआर क्षेत्रमें रहने वाले जम्मू-कश्मीरके युवा हैं !
दिल्लीमें सुरक्षा विभागकी एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा विभागने कहा था कि आईएस यहांके युवाओंको बहलाकर अपने साथ जोडनेके प्रयासमें है । ‘इंडियन मुजाहिदीन’द्वारा आईएसकी सहायता की जा रही है । इनके साथ अन्य आतंकी संगठनोंके भी होने से मना नहीं किया जा सकता है । गत कुछ समयसे बांग्लादेशी आतंकी संगठन ‘हरकत उल अंसार’ पश्चिममें सक्रिय हुआ है और इसकी सक्रियताके पीछे भी पाकिस्तानी गुप्तचर विभाग ‘आईएसआई’के होनेकी संभावना मानी जा रही है । आईएस पहले भी चेतावनी दे चुका है कि उसे मुजफ्फरनगर दंगेका बदला लेना है, जिसके चलते आईएसआईकी यह बढती सक्रियता और गम्भीर प्रकरण बनती जा रही है । जिस आईएमके आईएसके साथ होनेकी बात सुरक्षा विभाग कर रहे हैं, उसका सरगना भारतका लादेन २१ जनवरी २०१८ को बन्दी बनाया गया था । उस पर एनआईएद्वारा चार लाखकी पुरस्कार राशि घोषित की गई थी । उसकी गिरफ्तारीने सुरक्षा विभागकी चिंता को और बढा दिया !
राजनीतिक दल ही नहीं आतंकी संगठन भी चुनावी तैयारीमें जुटे हैं ! मिशन २०१९ उनके भी लक्ष्यपर है । माना जा रहा है कि चुनावी दिनोंमें आतंकी संगठनोंद्वारा यहां स्थिति बिगाडनेके प्रयास किए जानेकी संभावना है । वह जातीय संघर्षोंकी घटनाओं, सांप्रदायिक घटनाओंको कर बडा षडयन्त्र कर सकते हैं ।
“क्या यह विकट स्थिति बुद्धिवादियोंकी तथाकथित धर्मनिरपेक्षता, राजनेताओंकी तुष्टीकरण नीतिका परिणाम नहीं ! हिन्दुओं ! कश्मीर आदि राज्योंके इतिहाससे शिक्षा नहीं ली तो स्थिति अत्यन्त विकट हो सकती है !” –सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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