नवम्बर ८, २०१८
उत्तरप्रदेशमें सचिवालयके ४८ अधिकारीयोंके पास इस समय कोई कार्य नहीं है ! दोष इनका इतना है कि गत कुछ दिवस पूर्व ही ये पदोन्नत हुए हैं । पदोन्नति पानेके पश्चात् अनु सचिव और उप सचिव बने ये अधिकारी जिन विभागोंमें हैं, वहां पहलेसे इन पदोंपर अधिकारी हैं, जिसके कारण ये रिक्त बैठे हैं !
सचिवालय प्रशासन विभागने इन अधिकारीयोंके पदके अनुसार तैनाती देनेकी फाइल चक्रीय स्थानांतरण नीतिके अनुसार तैयार कर मुख्य सचिवके पास भेजी है । इसमें सचिवालयमें तैनात लगभग १२० अधिकारियोंके चक्रीय स्थानान्तरणके लिए कहा गया है । इसमें पदोन्नतिसे अनुसचिव और उप सचिव बने ४८ अधिकारियोंका नाम भी हैं ।
इस मध्य सचिवालयके कुछ संघोंके पदाधिकारियोंने मुख्य सचिवसे भेंट कर चक्रीय स्थानान्तरणपर विरोध प्रकट किया है । जिसके कारण स्थानान्तरणकी फाइलपर अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है । सूत्र बताते हैं कि मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेयने इस प्रकरणमें सचिवालय प्रशासन विभागसे पूछा है कि स्थानान्तरणमें नियमोंका पूरा अनुपालन किया गया है या नहीं ? जिसका उत्तर सचिवालय प्रशासन विभागने दे दिया है । दीपावलीके पश्चात् स्थानान्तरणकी फाइल अनुमोदित होनेकी सम्भावना हैं ।
सचिवालय प्रशासन विभागने संयुक्त और विशेष सचिव स्तरके चक्रीय स्थानांतरणकी फाइल भी तैयार कर रखी है । ऐसे ४५ अधिकारी हैं, जो इस स्थानांतरण नीतिकी सीमामें आ रहे हैं ।
“वस्तुत: यह स्थिति उत्तरप्रदेशकी ही नहीं, भ्रष्टाचारमें डूबे समूचे देशकी है ! किसी सरकारी कर्मीके पास कार्य नहीं है, जिसके पास है वो करता नहीं और जो करता भी है तो आधा अधूरा और परिणाम जन साधारणको दुर्घटना, भूखमरी आदिके रूपमें भोगना पडता है ! इस स्थितिको ठीक करनेके लिए हिन्दू राष्ट्र ही एकमात्र पर्याय है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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