नवम्बर १५, २०१८
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षणद्वारा (एएसआई) आगराके ताजमहलमें प्रतिबन्ध लगानेके पश्चात भी नमाज पढनेके पश्चात् विरोध बढ गया है । अब इस विवादमें बजरंग दल भी कूद पडा है और घोषणा की है कि वह भी ताजमहल परिसरमें पूजा-पाठ करेगा ।
एएसआईके प्रतिबन्धको ठेंगा दिखाते हुए ताजमहल इंतजामिया समितिके (टीएमआईसी) सदस्योंने मंगलवार, १३ नवम्बरको ताजमहल परिसरमें नमाज पढी थी । यद्यपि, ‘वजू टैंक’में (जहां नमाज पढनेसे पहले नमाजी अपना शरीर स्वच्छ करते हैं) प्रतिदिनकी भांति ताला ही लगा रहा और नमाजियोंने नमाज पढनेसे पूर्व पीनेके पानीसे स्वयंको स्वच्छ किया । इस मध्य पुरातत्व विभागके अधिकारीयोंने रोकनेका प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने । ताजमहलके भीतर नमाज पढनेका वीडियो प्रसारित हो रहा है ।
बता दें कि उच्चतम न्यायालयने १९ जुलाई २०१८ को आदेश दिया था कि केवल शुक्रवारको ताजमहल मस्जिदमें नमाज हो सकती है । साथ ही स्थानीय लोग ही यहां नमाज कर सकेंगे । इसके पश्चात् भी मंगलवारको कुछ लोग ताजमहल पहुंच गए, जिनमेंसे आधा दर्जन लोगोंने नमाज पढी !
इस विवादमें हिंदूवादी संगठन बजरंग दल भी कूद चुका है । बजरंग दलसे जुडे गोविंद परासरने कहा कि जब उन लोगोंने ताजमहलमें आरतीकी मांग की थी उन्हें इसकी आज्ञा नहीं दी गई थी । अब कैसे लोग नमाज पढ रहे हैं ?, इसलिए हम भी अब पूजा करेंगे !
“धर्मान्धोंद्वारा यह कोई प्रथम प्रकरण नहीं है । आए दिन रेलवे पटरी, विपणि, मार्ग और भी जो स्थान मिला वहीं नमाज पढनेके प्रकरण आते हैं, जिससे अव्यवस्था फैलती है व सामान्य जनमानसको भी परेशानी होती है और दर्शनीय भ्रमण स्थलपर तो ये प्रतिबन्धित ही होना चाहिए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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