सबरीमालामें हिन्दू महिला नेताको बन्दी बनानेके पश्चात विरोध बढा, केरल बंद !


नवम्बर १७, २०१८

भगवान अयप्पा स्वामीके दर्शनके लिए सबरीमला जा रही संघ परिवारकी वरिष्ठ नेताको बन्दी बनाए जानेके विरोधमें दक्षिणपंथी हिन्दू संगठनोंने शनिवार, १७ नवम्बरको केरलमें सुबहसे शाम तक हडताल की । ‘विश्व हिन्दू परिषद’के अध्यक्ष एस. जे. आर. कुमारने आरोप लगाया कि हिन्दू एक्यावेदी प्रदेश अध्यक्ष के. पी. शशिकलाको पुलिसने सबरीमलाके निकट माराकोट्टामसे शुक्रवार, १६ नवम्बरको रात्रि ढाई बजे बन्दी बनाया ।

कुमारने बताया कि वह भगवानकी पूजा करनेके लिए पूजन सामग्री लेकर पहाडीपर चढ रही थीं, उसी समय उन्हें बन्दी बनाया गया । कुछ अन्य कार्यकर्ताओंको भी बन्दी बनाया गया है । उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सरकार सबरीमला मंदिरको नष्ट करना चाहती है । ‘विहिप’ नेताने कहा कि हडतालके समय आवश्यक सुविधाओं और अयप्पा श्रद्धालुओंके वाहनोंको नहीं रोका जाएगा । उच्चतम न्यायालयद्वारा अयप्पा स्वामी मंदिरमें सभी आयुवर्गकी महिलाओंको प्रवेशकी अनुमति दिए जानेके पश्चात देवालय तीसरी बार खुला है ।

शनिवार, १७ नवम्बरसे आरम्भ हो रही दो माह लंबी तीर्थ यात्राके लिए देवालय शुक्रवारको खुला था । यहां सुरक्षाकी कडी व्यवस्था की गई है । ४१ दिवसोंतक चलने वाला ‘मण्डलम उत्सव’ मण्डला पूजाके पश्चात २७ दिसम्बरको सम्पन्न होगा । जब मंदिरको ‘अथाझापूजा’के बाद शामको बंद कर दिया जाएगा । यह ३० दिसम्बरको ‘मकराविलक्कू उत्सव’पर पुनः खुलेगा । मकराविलक्कू उत्सव १४ जनवरीको मनाया जाएगा, जिसके पश्चात मंदिर २० जनवरीको बंद हो जाएगा ।

 

“केरलकी धर्मद्रोही वामपन्थी सरकार प्रतिबन्धित महिलाओंको सुरक्षा देकर देवालयतक पहुंचाना चाहती है, परन्तु शशिकलाजीको किस आधारपर बन्दी बनाया गया जबकि वे दर्शन हेतु ही जा रही थी ! इससे इस सरकारका हिन्दूद्रोह स्पष्ट है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : पंजाब केसरी



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