नवम्बर १९, २०१८
पलवल मस्जिदपर की गई गुप्तचर विभागकी जांचमें ज्ञात हुआ है कि जिस व्यक्तिने मस्जिदके लिए धन दिया था वह तीन बार पाकिस्तान जा चुका है ! बता दें इस मस्जिदका निर्माण कथित रूपसे हाफिज सईदके ‘लश्कर ए तैयबा’द्वारा दिए धनसे किया गया है । जांचमें यह बात भी सामने आई है कि धन देने वाला व्यक्ति पाकिस्तान और दुबईमें ‘लश्कर ए तैयबा’के दो सदस्योंके साथ सम्पर्कमें था !
इससे पूर्व जांच विभागको ज्ञात हुआ था कि निजामुद्दीनके रहने वाले मोहम्मद सलमानने हरियाणाके पलवलमें खुलफ-ए-राशिदीन मस्जिदके निर्माणके लिए ७० लाख रुपये दिए थे । वह उस समय दुबईमें था, जब वह लश्कर-ए-तैयबाके सदस्योंसे मिला । उसे उसकी पुत्रियोंके विवाहके लिए भी पैसे मिले । एनआईएका कहना है कि इमाम सलमानको ये पैसा कथित रूपसे एलईटीसे जुडे गैर सरकारी संगठन फतह-ए-इंसानियतसे मिला है ।
एनआईएके एक अधिकारीने कहा, “हमारे पास इमाम सलमानके पैसे और पाकिस्तान स्थित एलईटीसे जुडे होनेके पक्के साक्ष्य हैं । हमारे पास ई मेल और सन्देशके रूपमें इलेक्ट्रोनिक साक्ष्य हैं, जिनमें उसने एफआएफसे जुडे पाकिस्तानी नागरिकोंके साथ धनको लेकर वार्ता की है । ऐसे ही दो प्रकारके संचार पाकिस्तान और दुबईसे जुडे हैं । हमें यह भी ज्ञात हुआ है कि वह तीन बार पाकिस्तान जा चुका है !”
उल्लेखनीय है कि एनआईएने ३ अक्तूबरको पलवलके उत्तरावर गांव स्थित मस्जिदमें छापेमारी की थी । उससे पहले तीन लोगोंको बन्दी बनाया गया । मस्जिदका निर्माण १९९८ में आरम्भ हुआ था और इसका उद्घाटन २०१० में हुआ। इसके निर्माणके समयसे जुडे आस मुहम्मद नामीका कहना है, “इमाम सलमानके पिता एक बडे धर्मगुरु थे, जिनका अभिज्ञान विश्वमें और उनमें से कुछ उन्हें मस्जिदके लिए पैसे भेजते थे ।”
“क्या यह इसप्रकारकी केवल प्रथम मस्जिद होगी ? और जहां आतंकियोंका पैसा लगता है, वहां आतंकके अतिरिक्त कौन-सा धर्म किया जाता होगा, यह सर्वविदित है । भारतीय प्रशासन अन्य राष्ट्रोंसे शिक्षा लेकर ऐसी मस्जिदोंको प्रतिबन्धित कर नवनिर्माणपर भी प्रतिबन्ध लगाए !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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