धर्मयुद्ध प्रारम्भ है, अतः हिन्दुओंको साधना बढाना आवश्यक
‘अभी धर्मयुद्ध प्रारम्भ हुआ है । यह भक्तिका युद्ध है । आसुरी शक्ति तथा दुर्जन, हिन्दू देवी-देवताओंकी विडम्बना कर, हिन्दू धर्मका द्वेषकर ‘विरोधी भक्ति’ कर रहे हैं । हम हिन्दुओंने धर्माभिमान बढानेके साथ-साथ साधना कर, ईश्वरकी नवधा (नवविधा भक्ति) करनी चाहिए । अपनी भक्ति असुरोंकी विरोधी भक्तिसे अधिक बढानी चाहिए, तभी ईश्वर हमारी सहायता करेंगे !’
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