नवम्बर २३, २०१८
देशमें इस बातपर चर्चा होती रहती है कि जिसप्रकार पाकिस्तानमें घुसकर अमेरिकाने लादेनको ठिकाने लगाया, उसीप्रकार की कार्यवाही भारतको भी आतंकी हाफिज सईदके विरुद्घ करनी चाहिए । यद्यपि कांग्रेसके वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरमका कहना है कि मुम्बई आक्रमणके अपराधी हाफिज सईदको लक्ष्य करनेकी क्षमता भारतमें कभी भी नहीं थी । चिंदबरमका यह वक्तव्य ऐसे समयमें आया है, जब कुछ घंटे पूर्व ही सैनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावतने कहा था कि मुंबई आक्रमणके दोषियोंको नष्ट करनेके लिए भारतमें भी अमेरिकाके ओसामा सदृश अभियानकी क्षमता है ।
नेताने कहा कि मुम्बई आक्रमणके पश्चात हाफिज सईद कराचीमें सेफ हाउसमें था और अब वह खुलेमें घूमता है, परन्तु हमारे पास पाकिस्तानके एबटाबादमें ओसामाके विरुद्घ हुए अमेरिकी अभियानकी भांति उसे (हाफिज) लक्ष्य करनेकी क्षमता नहीं है । उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास तब यह क्षमता नहीं थी और मुझे आश्चर्य होगा यदि हमारे पास आज यह हो ! यदि हमने प्रयास किया होता तो हम असफल होते और इससे एक बडा झटका लगता ।”
चिदंबरमने कहा कि भारतने कूटनीतिक माध्यमकेद्वारा पाकिस्तानको कडा संदेश दिया था कि यदि मुम्बईकी भांति दूसरा आक्रमण हुआ तो कडा उत्तर दिया जाएगा ।
सेनाध्यक्षने कहा, “हम इसे अन्य ढंगसे कर रहे हैं । एक विकल्प है कि आप वैसा करें जैसा अमेरिकियोंने ओसामा बिन लादेनके विरुद्घ किया । यह एक विकल्प है, यह सम्भव है, परन्तु सरकार इसे भिन्न ढंगसे कर रही है । पाकिस्तानको अलग-थलग किया जा रहा है । आज, आप देखते हैं कि पाकिस्तान कहां है ? दूसरे ओरसे भी कुछ कृत्य दिखाया जाना चाहिए, जिससे कहा जा सके कि हमने कुछ किया है ।”
“क्या चिदम्बरम यह कहना चाहते हैं कि भारतके पास यह क्षमता नहीं हैं और कांग्रेसने इसे इतने वर्षोके शासनके पश्चात भी विकसित करनेका प्रयास तक नहीं किया ? यदि नहीं तो क्यों ? और क्या राष्ट्र उन्हें गोपनीय सूचनाओंको खुलेमें बोलनीकी अनुमति देता है ? सभी राष्ट्रवादियोंको अपेक्षा है कि वे इसका उत्तर दें, अन्यथा सुरक्षाके प्रकरणको खुलेमें बोलनेके लिए राष्ट्रके समक्ष क्षमा प्रार्थना करें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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