भारतमें प्रजातन्त्रके असफल होनेके कारण  


स्वार्थी समाज प्रजातन्त्रके योग्य नहीं होता । जो राष्ट्र और समाजके बारेमें विचार करते हैं, प्रजातन्त्र उनके लिए ही उपयोगी होता है । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक सनातन संस्था
साभार : मराठी दैनिक सनातन प्रभात



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