दुर्जनोंको उनकी ही भाषामें प्रत्युत्तर देना पाप नहीं !


हवाई आक्रमणके (एयर स्ट्राइकके) पश्चात भी पाकिस्तानकी वृत्तिमें कोई सुधार नहीं है, अभी भी सीमा पारसे उसका छद्म युद्ध जारी है और हमारे सैनिक प्रतिदिन या तो चोटिल होते हैं या मृत्युको प्राप्त होते हैं; इसलिए अब समय आ गया है कि पाकिस्तानको ऐसा पाठ पढाया जाए कि वह सीमा पारसे संघर्ष विराम उल्लंघनकी एक भी घटनाको परिणाम न दे सके ! इस सम्बन्धमें महाभारतके इस अमृतवचनका अब पालन होना चाहिए ! महाराजा धृतराष्ट्रके लघु भ्राता, नीतिके महा पण्डित, विदुरने कपटी और दुष्ट शत्रुके विषयमें स्पष्ट शब्दोंमें ‘जैसेसे तैसा’ वर्तन करनेकी आज्ञा देते हुए कहा है –

कृते प्रतिकृतिं कुर्याद्विंसिते प्रतिहिंसितम् ।

तत्र दोषं न पश्यामि शठे शाठ्यं समाचरेत् ॥  – महाभारत, विदुरनीति

अर्थात जो जैसा करे उसके साथ वैसा ही बर्ताव करो । जो तुम्हारे साथ हिंसा करता है, तुम भी उसके प्रतिकारमें उसकी हिंसा करो ! इसमें मैं कोई दोष नहीं मानता; क्योंकि शठके (दुष्टके) साथ शठता ही करनेमें प्रतिद्वंदी पक्षकी भलाई है ।



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