वोट बैंककी राजनीतिके लिए विपक्ष उठा रहा मुस्लिम आरक्षणका प्रकरण : देवेंद्र फडणवीस


नवम्बर २७, २०१८

मराठा समुदायके लिए आरक्षणकी सिफारिश करने वाली राज्य पिछडा वर्ग आयोगके विवरणको महाराष्ट्र विधानसभामें प्रस्तुत करनेके प्रकरणपर मंगलवार, २७ नवम्बरको सदनकी कार्यवाही दो बार स्थगित हुई । विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गत सप्ताहसे विवरणको विधानसभामें प्रस्तुत करनेकी मांग कर रही हैं ।

इस मध्य विधानसभामें राज्यके मुख्यमन्त्री देवेन्द्र फडणवीसने विपक्षसे कहा, “आपकी सरकारने मुस्लिम समुदायको छात्रवृत्ति क्यों नहीं दी ? किसके शासनमें ‘रंगनाथन समिति’का गठन हुआ था । विपक्ष केवल विभाजन कर रहा है और आरक्षणपर राजनीति कर रहा है । वह वोट बैंककी राजनीतिके लिए मुस्लिम आरक्षणका प्रकरण उठा रहे हैं ।” उन्होंने आगे कहा, “५२ प्रतिशत आरक्षणमें कोई परिवर्तन किए बिना, मराठा समुदायको स्वतन्त्र रूपसे आरक्षण दिया जाएगा । हमारी सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है ।”

विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडेने मंगलवारको सदनकी बैठक आरम्भ होते ही प्रश्नकालकी घोषणा की, तभी सदनमें कांग्रेसके उपनेता विजय वड्डेटिवारने सदनको १० मिनटके लिए स्थगित करनेका अनुरोध किया; क्योंकि विधानसभा परिसरमें विभिन्न दलोंके नेताओंकी बैठक चल रही थी ।

बागडेने इसके पश्चात निचले सदनकी कार्यवाहीको १० मिनटके लिए स्थगित कर दिया था । बादमें सदनकी कार्यवाही आरम्भ होनेपर पीठासीन सुभाष साबनेने सदनकी बैठकको दोपहर सवा १२ बजेके लिए स्थगित कर दिया ।

साबने सदनमें आकर इसे पुनः स्थगित करनेकी घोषणा करते, इससे पूर्व ही वाड्डेटिवार सदनमें आ गए और उन्होंने विपक्षके सभी नेताओंसे सदनमें लौटनेके लिए कहा । इससे पूर्व विपक्षके एक नेताने विधानसभाके बाहर कहा कि राज्य सरकारने विवरणको सदनमें प्रस्तुत करनेसे मना किया है ।

उन्होंने नाम नहीं बतानेकी शर्तपर बताया, “हमें बताया गया कि एक विधेयक दोनों सदनोंमें प्रस्तुत किया जाएगा, जिसे बिना किसी चर्चाके पारित किया जाना चाहिए ।”  इस मध्य अपनी आगेकी कार्यवाहीपर निर्णय करनेके लिये कांग्रेस एवं राकांपाके नेताओंने विधायक दल कार्यालयमें बैठक की ।

उल्लेखनीय है कि मराठा आरक्षणपर मन्त्रिमण्डल उप समितिका नेतृत्व कर रहे राज्यके राजस्व मन्त्री चन्द्रकान्त पाटिलने सोमवार, २६ नवम्बरको संवाददाताओंसे कहा था कि सरकार विधानसभाका शीतकालीन सत्र समाप्त होनेसे पूर्व मराठाओंको सामाजिक एवं शैक्षिक पिछडा वर्ग (एसईबीसी) वर्गके अन्तर्गत आरक्षण देनेके लिए बृहस्पतिवारको एक विधेयक लाएगी । राज्य विधानसभाका शीतकालीन सत्र शुक्रवार, ३० नवम्बरको समाप्त होगा ।

“आरक्षणका लाभ दशकोंसे राजनीतिक दल लेते हैं, परन्तु भुगतान राष्ट्रको करना पडता है कि अयोग्य अधिकारी व कर्मी उस पदपर आसीन हो जाता है, जिसके वह योग्य ही नहीं है ! अतः प्रशासन इसे राष्ट्र हितमें देखते हुए आरक्षणको ही समाप्त करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



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