नवम्बर २८, २०१८
जम्मू कश्मीरमें आतंकियों और सुरक्षा बलोंके मध्य मुठभेड होती रहती हैं और आए दिन सुरक्षा बल किसी न किसी आतंकीको मारते रहते हैं । बुधवार, २८ नवम्बरको बडगाममें ऐसे ही सुरक्षा बलोंने एक मुठभेडके मध्य लश्कर-ए-तैयबाके आतंकी नवीद जटको मार गिराया, जो ‘मोस्ट वांटेड’ आतंकी था और कश्मीरके वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारीकी हत्यामें सम्मिलित था ।
बताया जा रहा है कि मारे गए आतंकी नवीद जटके साथ और दो साथी आतंकी थे, जिनमें नवीन जट और उसका दूसरा साथी तो मारा गया, किन्तु उनका तीसरा सहयोगी सुरक्षाबलोंके साथ मुठभेडकर रहा था । सुरक्षा बलोंसे मुठभेडमें उसका भी सुरक्षा बलोंके हाथों मरना निर्धारित माना जा रहा था कि स्थानीय पत्थरबाज उसके समर्थनमें आ गए !
उन्होंने न केवल उसके समर्थनमें पत्थरबाजी की, बल्कि उसे सुरक्षा बलोंसे बचाकर ले गए ! इसके लिए पत्थरबाज घेरा बनाकर उस आतंकीको सुरक्षा बलोंके हाथों जीवित बचा ले गए है । इस बारेमें एक वीडियो जारी हुआ है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकारसे पत्थरबाज आतंकीको बचाकर ले जा रहे हैं ।
नवीद जटका मारा जाना कश्मीरमें आतंकियोंके विरुद्घ सुरक्षा बलोंके लिए बडी सफलता है, जो निरन्तर उसे घेरनेके प्रयासमें थे । सुरक्षा बलोंको बडगाममें आतंकी गतिविधियोंकी सूचना मिली थी, जिसके पश्चात उन्होंने उस क्षेत्रको चारों ओरसे घेर लिया ।
तत्पश्चात वहां अन्वेषण अभियान आरम्भ किया गया, जिसके पश्चात आतंकियोंने गोलीबारी आरम्भ कर दी । आतंकियोंकी ओरसे गोलीबारीके पश्चात सुरक्षा बलोंने भी कार्यवाही की और पत्रकार शुजात बुखारीकी हत्यामें सम्मिलित लश्करके ‘मोस्ट वांटेड’ आतंकी नवीदको मार गिराया ।
जम्मू एवं कश्मीरके डीजीपी दिलबाग सिंहने बताया कि मुठभेडके मध्य २ आतंकी मारे गए, जिनमेंसे एक उच्च स्तरका लश्कर प्रमुख नवीद जट था । उन्होंने यह भी कहा कि यह सप्ताह महत्वपूर्ण रहा, जिसमें सुरक्षा बलोंने कुलगाम, पुलवामा और शोपियांमें निर्दोष लोगोंकी मृत्युके लिए उत्तरदायी कई आतंकियोंको मार गिराया ।
‘राइजिंग कश्मीर’के संपादक शुजात बुखारीकी श्रीनगरमें आतंकवादियोंने ईदसे पूर्व १४ जूनको गोली मार हत्या कर दी थी । बादमें पुलिसने इस सम्बन्धमें ४ आतंकियोंका चित्र जारी किया था, जिनमें नवीद भी था । बुखारीपर उनके कार्यालयके बाहर आक्रमण किया गया था, जिसमें उनके दो अंगरक्षकोंके भी प्राण चले गए थे ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्याकाण्डका षडयन्त्र पाकिस्तानमें रचा गया था और नवीदका सीधा सम्बन्ध पाकिस्तानसे पाया गया । पाकिस्तानके मुल्तानका रहने वाला नवीद अक्टूबर २०१२ में जम्मू एवं कश्मीरके केरनकेद्वारा भारतमें प्रविष्ट हुआ था ।
“क्या अब समय नहीं आ गया है कि सेना इन पत्थरबाजोंपर भी कार्यवाही करें, क्योंकि आतंकियोंके समर्थक आतंकी ही होते हैं, उन्हें अन्य कोई और संज्ञा नहीं दी जा सकती !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : टाइम्स नाउ न्यूज
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