दिसम्बर २, २०१८
जम्मू कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री फारूक अब्दुल्लाने कहा है कि उनका दल जम्मू कश्मीरकी स्वायत्तताके लिए लडता रहेगा । नेशनल कॉन्फ्रेंसके नेताको जब बताया गया कि केन्द्र सरकार पहले ही स्वायत्तताकी मांगको ठुकरा चुकी है तो उन्होंने कि जम्मू-कश्मीरकी स्वायत्तताका निर्णय केन्द्र नहीं बल्कि यहांकी जनता करेगी !
भारत सरकारके आधिकारिक ढंगसे हटकर फारूक अब्दुल्लाने कहा कि पाकिस्तानके अधिकार वाला कश्मीर जिसे भारतमें पाक अधिकृत कश्मीरके रूपमें जाना जाता है, पाकिस्तानका भाग है ! उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ही भारतका भाग है ! फारूक अब्दुल्लाने करतारपुर कॉरिडोरके पश्चात पाकिस्तानके अधिकार वाले कश्मीरमें स्थित शारदा पीठको भी कश्मीरी पण्डितोंके लिए खोलनेकी पैरवी की है ।
फारूकने कहा कि दोनों देशोंके मध्य अच्छे सम्बन्ध ही भारत पाकिस्तानके लिए शान्ति और प्रगति ला सकते हैं । उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस उन सभी कार्योंका समर्थन करती है, जिससे भारत-पाकके मध्य सम्बन्ध सुधरे । उन्होंने कहा कि भारत-पाकके मध्य जिस दिन मित्रतापूर्ण सम्बन्ध हो जाएंगे, कश्मीर मुद्दा उसी दिन सुलझ जाएगा ।
फारूक अब्दुल्लाने सज्जाद लोनकी ओरसे लगाए गए आरोपोंपर उत्तर देते हुए कहा कि यदि वह भी चाहें तो वह सज्जाद लोनपर आरोप लगा सकते हैं । उन्होंने कहा कि सज्जाद लोनके पिता अब्दुल गनी लोन एक समयमें उनके पास आए थे और कहा था कि वह पाकिस्तान जाकर शस्त्र लाने जा रहे हैं । अब्दुल्लाहने कहा कि तब उन्होंने उन्हें परामर्श दियख थी कि कश्मीरमें शस्त्र लानेसे कोई प्रकरण हल नहीं होगा, वरन् विनाश ही होगा ।
“फारुख अब्दुल्लाजीसे पूछना चाहेंगे कि जनमत संग्रह तो मूल निवासियोंद्वारा किया जाता है, परन्तु वहां रह रहे लोगोंमें कोई मूल निवासी तो है नहीं तो क्या बाहरी लोगोंसे स्वायत्तताका निर्णय करवाया जा सकता है क्या ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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