मुखपर शान्तिवार्ता, बगलमें छुरी: खालिस्तानियोंसे खुलकर मिला पाक !!


नवम्बर २८, २०१८

गत गुरुवारको भारतीय उच्चायोगसे जुडे दो अधिकारी रंजीत सिंह और सुनील कुमार सिख श्रद्धालुओंसे मिलने गुरुद्वारा सच्चा सौदा पहुंचे । तब गोपाल सिंह चावला और उसके गुर्गोंने गुरुद्वारे पहुंचकर, दोनों भारतीय राजनयिकोंको अपमानजनक ढंगसे गुरुद्वारा परिसरसे बाहर जानेके लिए विवश किया ।

भारत-पाकिस्तानके मध्य बनने बनाए जा रहे करतारपुर साहिब गलियारेकी नींव बुधवारको पाकिस्तानमें रखी गई । इस अवसरपर पाकिस्तानके सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा और खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावलाके मिलनेके चित्रसे एक बार पुनः विवाद हो गया है ।

गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक समितिका महासचिव है और उसे २६/११ मुंबई आक्रमणके मास्टरमाइंड हाफिज सईदका निकटवर्ती माना जाता है । गत २१ और २२ नवम्बरको भारतीय उच्चायोगके राजनयिक अधिकारियोंके साथ गुरुद्वारा ननकाना साहब और गुरुद्वारा सच्चा सौदामें दुर्व्यवहारमें भी चावलाका नाम सामने आया था ।

उल्लेखनीय है कि देहलीमें जांच विभागकी एक बैठकमें पाकिस्तानमें उपस्थित खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावलाको लेकर कई सूचनाएं साझा की गई थीं । सूत्रोंके अनुसार गोपाल सिंह चावला पाकिस्तानी गुप्तचर विभाग आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा मुख्य हाफिज सईदके साथ मिलकर पंजाबमें आतंक फैलानेका षडयन्त्र रच रहा है ।

कुछ माह पूर्व पाकिस्तानमें हाफिज सईदसे चावलाकी भेंटका चित्र भी जांच विभागके हाथ लगा था । इससे खालिस्तान समर्थकोंके पाकिस्तानके आतंकी संगठनोंसे सम्बन्ध होनेकी आशंका पुष्ट मानी जा रही है । सूत्रोंने बताया कि सामाजिक प्रसार माध्यमकेद्वारा गोपाल सिंह चावलाके भडकाऊ वक्तव्य पोस्ट किए जा रहे हैं । साथ ही सामाजिक प्रसार माध्यमोंके द्वारा ही लडकोंको खालिस्तानके लिए नियुक्त किया जा रहा है । एनआईएकी जांचमें यह भी उजागर हुआ कि पंजाबमें धार्मिक संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके (आरएसएस) कार्यकर्ता लक्ष्यपर हैं ।

देशके बाहर बैठे खालिस्तान समर्थक, जो आतंकी षडयन्त्र रहे हैं उनमें गोपाल सिंह चावला (पाकिस्तान), हरमित सिंह (पाकिस्तान), गुरुजिंदर सिंह (इटलीमें होनेके समाचार), गुरुशरणबीर सिंह (ब्रिटेन), गुरुजंत सिंह ढिल्लन (ऑस्ट्रेलिया) सम्मिलित हैं । पंजाबके आतंकियोंका सम्पर्क पश्चिमी उत्तरप्रदेशसे होनेकी बातें भी कही जा रही हैं; इसलिए उत्तरप्रदेश पुलिस भी चौकन्ना है ।

 

स्रोत : आज तक



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