सेनाध्यक्षका नाम लेनेपर फूलकाको वैधानिक नोटिस भेजकर क्षमा मांगने और १० कोटि अर्थदण्ड देनेको कहा गया !


दिसम्बर ३, २०१८

पंजाबके अमृतसर जनपद अंतर्गत सांसी गांवके निरंकारी भवनमें गत दिनों हुए विस्फोटमें सेनाध्यक्ष बिपिन रावतका नाम लेने पर एक सेवारत कर्नल रण सिंह डूडीने आम आदमी पार्टी (आप) विधायक एचएस फूलकाको वैधानिक नोटिस भेजा है । यद्यपि फूलकाने अपने वक्तव्यसे क्षमा भी मांग ली है ।

नोटिसमें फूलकाको वक्तव्यके लिए क्षमा मांगने और दण्डके रूपमें १० कोटि रुपये आर्मी वेलफेयर फंडमें जमा करानेको कहा गया था । गत माह सांसी गांवमें धार्मिक समारोहके समय निरंकारी भवनमें हथगोलेसे आक्रमण हुआ था । इसमें तीन लोगोंकी मृत्यु हुई थी । इसमें पंजाबसे आपके विधायक एचएस फूलकाका वक्तव्य आया था, जिसमें उन्होंने सेनाध्यक्षका नाम लिया था ।

इस पर आपत्ति प्रकट करते हुए कर्नल डूडीने उन्हें यह नोटिस भेजा है । अधिवक्ता सिद्धार्थ शुक्लाने उनकी ओरसे गत २४ नवम्बरको भेजे गए नोटिसमें कहा है कि डूडीने फूलकाका वक्तव्य देखा, जिसमें उन्होंने सेनाध्यक्षपर आक्रमण करानेकी आशंकाका आरोप लगाया है ।

नोटिसमें कहा गया है कि जनरल रावत सेनाध्यक्ष और प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं । सेनाका साहस ऊंचा रखना आवश्यक है, ताकि वह राष्ट्रकी सुरक्षा कर सके । जनरल रावत हमेशा देश और सेनाके हितोंका ध्यान रखते हैं । भारत पहले ही पडोसी पाकिस्तान और चीनसे प्रतिकूल स्थितिका सामना करता रहता है । कहा गया है कि जानबूझकर दिए गए वक्तव्यके द्वारा सेनाध्यक्षकी छवि धूमिल करनेका प्रयास किया गया है ।

इसके पीछे भारतीय सेना और सेनाध्यक्षकी प्रतिष्ठा खराब करनेकी भी मंशा थी । फूलकाका वक्तव्य असत्य और मनगढन्त है । यदि आपके पास कोई जानकारी है, जिसके आधारपर आपने यह वक्तव्य दिया है तो उसकी प्रति मेरे अभियुक्तको उपलब्ध कराएं । आपने जो अपमानजनक वक्तव्य दिया है, उसके लिए आप आपराधिक अभियोजनके पात्र हैं । आपका कृत्य गम्भीर है । आप वरिष्ठ अधिवक्ता और पंजाबके विधायक हैं । इस कृत्यके लिए आप १५ दिवसके भीतर आर्मी वेलफेयर फंडमें १० कोटि रुपये अर्थदण्ड जमा कराएं और सार्वजनिक रूपसे क्षमा मांग कर यह वचन दें कि भविष्यमें ऐसा कभी पुनः नहीं करेंगे ।

 

फुलकका यह कथन राष्ट्रद्रोह है; अतः वे राष्ट्रके समक्ष क्षमायाचना करें अथवा प्रशासन कडीसे कडी कार्यवाही कर दण्डित करें, क्योंकि इससे देशकी अस्मिताको आंच आती है और राष्ट्रसे ऊपर कोई व्यक्ति विशेष नहीं हो सकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नई दुनिया



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