मध्यस्थ क्रिश्चियन मिशेलको न्यायालयने ५ दिवसके लिए सीबीआईको सौंपा


दिसम्बर ५, २०१८

३६०० कोटि रुपयोंके अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटालेमेें मध्यस्थ ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेलको न्यायलयने ५ दिवसके लिए सीबीआईको सौंप दिया है । उसे मंगलवार, ४ दिसम्बर रात्रिमें संयुक्त अरब अमीरातसे (यूएई) भारत लाया गया था । सीबीआई, रॉ और विदेश मन्त्रालयके अधिकारी दुबईसे उसे गल्फ स्ट्रीमके जेट विमानसे लाए । दिल्लीमें इन्दिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानतलपर १०.३५ बजे पहुंचते ही सीबीआईने उसे बन्दी बना लिया था । इमिग्रेशन प्रक्रियाके पश्चात उसे सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया । वीवीआईपी हेलिकॉप्टरमें मिशेलपर २२५ कोटि रुपयोंकी दलाली लेनेका आरोप है ।


इस प्रकरणमें पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी भी आरोपी हैं । सीबीआईने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभालके दिशा-निर्देशमें चलाए गए अभियानसे क्रिश्चियन मिशेलको देश लानेमें यह सफलता मिली । सीबीआईने एक वक्तव्यमें यह बात कही है । सीबीआई अधिकारियोंने कार्यकारी निदेशक एम. नागेश्वर रावके समन्वयसे इस अभियानको कियख । सीबीआईके संयुक्त संचालक ए साई मनोहर प्रत्यर्पणकी प्रक्रियाको करने ही दुबई गए थे ।

भाजपाने इस वीवीआईपी चॉपर प्रकरणको कूटनीतिक विजय बताया है । साथ ही कहा कि इससे कांग्रेसको मुसीबत हो सकती है ।

सीबीआईके प्रवक्ता अभिषेक दयालके अनुसार, इस अभियानको यूनीकॉर्न नाम दिया गया था । यूएईसे मिशेलको भारत वापस लानेके लिए सीबीआईके संयुक्त संचालक (ज्वाइंट डायरेक्टर) साईं मनोहरकी अध्यक्षतामें वहां दल गया था । मिशेलपर आरोप था कि उसने मध्यस्थकी भूमिका निभाते हुए भारतीय अधिकारियोंको अनुचित ढंगसे पैसा दिया थाक्ष। गत वर्ष सितम्बरमें मिशेलके विरुद्घ प्राथमिकी प्रविष्ट की गई थी । २४ सितम्बर २०१५ को उसके विरुद्घ गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया था । फरवरी २०१७ में उसके विरुद्ध इंटरपोलने ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी किया था ।

मिशेलको दुबई पुलिसने बन्दी बनाया था । इसके पश्चातसे वह यूएईके कारावासमें ही था । दुबई न्यायालयने मिशेलके अधिवक्ताओंकी ओरसे प्रविष्ट दो आपत्तियोंको अस्वीकृत कर दिया था । साथ ही उसे भारतीय अधिकारियोंको सौंपे जानेका निर्णय सुरक्षित रख लिया था ।

मिशेलपर आपराधिक षडयन्त्रका आरोप लगा था, जिसमें पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके परिवारके सदस्यों और अधिकारियोंको भी सम्मिलित किया गया था । यह भी कहा गया कि अधिकारियोंने अपने पदका अनुचित ढंगसे प्रयोग करके वीवीआईपी हेलिकॉप्टरकी सर्विस सीलिंग ६ सहत्र मीटरसे ४५०० मीटर तक कम करा ली थी ।

सीलिंग कम होनेके पश्चात ५५६.२६२ मिलियन यूरोके (लगभग ४४ लाख करोड रुपए) हेलिकॉप्टर कॉन्ट्रैक्टपर सहमति बनी थी । इसके लिए रक्षा मन्त्रालयने (यूपीए-२) ८ फरवरी २०१० को १२ वीवीआईपी हेलिकॉप्टरोंके लिए पैसे दिए थे ।  

मिशेल कम्पनीमें १९८० से काम कर रहा था । उसके पिता भी कम्पनीमें भारतीय क्षेत्रके प्रकरणके लिए परामर्शदाता रहे थे । सीबीआईका कहना है कि मिशेल काफी भारत आता-जाता था और रक्षा सौदोंमें वायुसेना और रक्षा मन्त्रालयके मध्य मध्यस्तकी भूमिका निभाता था । मिशेलको वायुसेना और रक्षा मन्त्रालयके अधिकारियोंसे सूचनाएं मिलती थीं । प्राप्त जानकारियोंको वह इटली और स्विट्जरलैंड फैक्सके द्वारा भेजता था ! इस प्रकरणमें चीफ एसपी त्यागीको २०१६ में बन्दी किया गया था ।

“किसप्रकार अपने संस्कारोंसे विवश आजके नेता अपने लोभके लिए राष्ट्रको बेचनेसे भी पीछे नहीं हटते हैं ! हिन्दू राष्ट्रमें बालपनसे ही राष्ट्रभक्तिके संस्कार अंकित किए जाएंगे, जिससे पुनः ऐसे भ्रष्ट नेता नहीं होंगें ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : भास्कर



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