दिसम्बर ९, २०१८
अल्पसंख्यक प्रकरणके मन्त्री मुख्तार अब्बास नकवीने कहा कि अगले वर्ष बडी संख्यामें मुस्लिम महिलाएं बिना मेहरम (पुरुष सम्बन्धी) हज यात्रापर जा सकती हैं ।
हजसे सम्बन्धित संगठनोंके प्रतिनिधियोंके साथ रविवार, ९ दिसम्बरको यहां बैठककी अध्यक्षता करते हुए नकवीने कहा कि भारतीय हज समितिको अब तक २०१९ की हज यात्राके लिए दो लाख २३ सहस्र आवेदन मिले हैं । नकवीके कार्यालयद्वारा दिए वक्तव्यमें बताया गया कि कुल आवेदनकर्ताओंमें लगभग ४७ प्रतिशत महिलाएं हैं । हजके लिए आवेदन प्रक्रिया सात नवम्बर २०१८ को आरम्भ हुई थी । इसकी अंतिम तिथि १२ दिसम्बर है ।
नकवीने कहा कि दो सहस्रसे अधिक महिलाओंने २०१९ में मेहरमके बिना हज जानेके लिए आवेदन किया है । अभी इनकी संख्या और बढ सकती है । उन्होंने कहा कि वर्ष २०१८ में प्रथम बार केन्द्रने हजके लिए मेहरमकी बाध्यता हटाई थी और लगभग १३०० महिलाएं किसी पुरुष सम्बन्धीके बिना हज यात्रापर गईं ।
उन्हें ‘लॉटरी’ प्रणालीसे छूट दी गई । सौसे अधिक महिलाएं हज समन्वयकों और सहायिकाओंको उनकी सहायताके लिए तैनात किया गया था ।
उन्होंने बताया कि स्वतन्त्रताके पश्चात प्रथम बार भारतसे एक लाख ७५ सहस्र मुसलमान २०१८ में हजपर गए । उल्लेखनीय है कि उन्हें छूट भी नहीं दी गई थी ।
“मन्त्री जी हजके लिए भिन्न-भिन्न घोषणाएं कर रहे हैं ! हिन्दुओंके श्रीराम मन्दिर हेतु कोई घोषणा होगी, इसकी प्रतिक्षा प्रत्येक हिन्दूको है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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