दिसम्बर ११, २०१८
पांच राज्योंके विधानसभा चुनावमें आए परिणामसे भाजपाको झटका लगा है । छत्तीसगढ और राजस्थानके साथ ही मध्य प्रदेशमें भी कांग्रेसने भाजपाको पीछे छोड दिया है । इस मध्य परिणामपर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तरप्रदेशके भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंहने कहा है कि पराजयका कारण सवर्णोंका अपमान है ।
बलिया जनपदकी बैरियासे विधायक सुरेन्द्र सिंहने परिणामपर समाचार माध्यमोंसे वार्ता करते हुए कहा, ‘भाजपा सवर्णोंका अपमान करके विजयकी यात्रा तय नहीं कर सकती । ‘एससी-एसटी ऐक्ट’में संशोधनका निर्णय आत्मघाती था । मतदानके परिणाम अपेक्षाके अनुसार रहे हैं ।’
सुरेंद्र सिंहने कहा कि भाजपाको इन मतदानमें जनताने आंशिक रूपसे पाठ पढाया है । यदि भाजपाने ‘एससी-एसटी ऐक्ट’को लेकर अपने निर्णयपर पुनः विचार नहीं किया तो लोकसभा मतदानके समय भी दलको हानि उठानी पडेगी । बीजेपी विधायकने सवर्णोंको भाजपाका परम्परागत मतदाता बताते हुए अपनोंका साथ नहीं छोडनेका परामर्श भी दिया ।
बता दें कि मतदान आयोगसे मिले अन्तिम अंक विवरणके अनुसार मध्य प्रदेशमें कांग्रेस ११५ स्थानोंपर आगे है, वहीं बीजेपी १०६ पर बढत बनाए हुए हैं । इसके साथ ही राजस्थानमें भी कांग्रेसने बहुमतकी संख्या पार कर ली है । वहीं छत्तीसगढमें कांग्रेसकी सरकार बनना तय माना जा रहा है ।
“हिन्दुओंने धर्म रक्षाके कार्य हेतु जैसे राम मन्दिर, गौरक्षा, मन्दिरोंका सरकारीकरण, धर्मान्तरण, जीएमओ बीज, एफडीआई, कश्मीर, धर्मान्धोंकी बढती संख्या आदिके लिए भाजपाको सत्तारूढ किया था, परन्तु अब भाजपा स्वयं समीक्षा करे कि हिन्दुओंके लिए कितना और कहां कार्य हुआ ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
Leave a Reply