दिसम्बर ११, २०१८
मथुरामें राष्ट्रीय हरित प्राधिकरणके (एनजीटीके) आदेशपर मंगलवार, ११ दिसम्बरको गिरिराज परिक्रमा क्षेत्रमें बने हरिगोकुल मन्दिर परिसरको ढहा दिया गया ! जेसीबीकी सहायतासे मन्दिरके मुख्य द्वार सहित अतिथि भवन, पोशाक, रसोई और भण्डार घरके कक्षोंको भी तोड दिया गया !
हरिगोकुल मन्दिरसे जुडे निर्माण स्थलको वन विभाग और नगर पंचायतकी भूमि बताया जाता है । इसे ध्वस्त करनेके लिए एसडीएम नागेन्द्र सिंह पुलिस बलके साथ उक्त स्थलपर पहुंचे । यहां उन्होंने जेसीबीकी सहायतासे मानसी गंगा मुकुट मुखारविन्द मन्दिर प्रबन्धनसे ही जुडे कामिनी मोक्ष धामके सामने बने हरिगोकुल मन्दिरके निर्माणका ध्वस्तीकरण आरम्भ करा दिया ।
इस कार्यवाहीमें अतिथि भवनके छह कक्ष, रास मण्डल सत्संग भवन हॉल, गिरिराजजीकी पूजाका रसोईघर, पोशाक घर, भण्डार घर और मन्दिरके मुख्य द्वार सहित मन्दिरसे जुडी दुकानोंको भी ध्वस्त कर दिया । इस कार्यवाहीमें कान वाले बाबा मन्दिरके भागको भी ध्वस्त करा दिया । ध्वस्तीकरणकी कार्यवाही लगभग छह घंटे तक चली ।
“भारतमें अनेक स्थानोंपर मस्जिदें और गिरिजाघर बने हुए हैं, क्या हरित प्राधिकरणने कभी उनपर कार्यवाही करनेका साहस दिखाया है ? क्या ये पुलिस बल जिनका वेतन हिन्दुओंद्वारा दिए करसे आता है, केवल हिन्दुओंके दमन हेतु ही है ? यह विचारणीय है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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