दिसम्बर १२, २०१८
बुलन्दशहर जनपदके कुख्यात गोतस्कर हाजी आरिफ पहलवानके नामसे अज्ञात लोगोंने एक बार पुनः खुर्जामें प्रचार पुस्तिका (पंपलेट) चिपकाए हैं । इनकेद्वारा जहां अज्ञात लोगोंने बुलन्दशहर पुलिस प्रशासनपर गम्भीर आरोप लगाए हैं । वहीं योगी शासनके लिए भी आपत्तिजनक शब्दोंका प्रयोग किया गया है । एसडीएम खुर्जा प्रचार पुस्तिका लगवाने वाले लोगोंकी जांच कराकर कार्यवाहीका दावा कर रहे हैं ।
आपको बता दें कि कुख्यात हाजी आरिफ बुलंदशहरका बडा गोतस्कर माना जाता है । बुलंदशहर पुलिसकी ओरसे २५ सहस्रके पुरस्कारके हाजी आरिफको चेतावनी भी दी जा चुकी है । हाजी आरिफको समर्पण करनेके लिए समय दिया गया है । उसमें भी अब अधिक समय नहीं बचा है । हाजी आरिफ और उसके भाइयोंको समय दिए हुए भी १५ से २० दिवस बीत चुके हैं ।
इस मध्य खुर्जामें अज्ञात लोगोंने दो भिन्न-भिन्न प्रकारके विवादित प्रचार पुस्तिका (पंपलेट) छपवाकर लगवाए हैं । इस बार लोगोंने पुलिसपर एक कोटि रुपयोंमें हाजी आरिफको जीवनदान देनेका आरोप लगाया है ! खुर्जा एसडीएम सदानंद गुप्ताका कहना है कि वह यह ज्ञात करनेमें जुटे हैं कि इनके पीछे कौन है और वे ये सब क्यों कर रहे हैं ? आपको बता दें कि हाजी आरिफपर ४८ अभियोग प्रविष्ट हैं जबकि उसके छोटे भाई कासिमपर २३ अभियोग प्रविष्ट हैं । उसका एक वीडियो भी सामने आया थी, जिसमें वह हाथमें बन्दूक लेकर नाचता हुआ दिखा था ।
“५८ अभियोग का कुख्यात धर्मान्ध अपराधी खुलेमें घूम रहा है और पुलिस प्रशासन आजतक कुछ नहीं कर पाया है, यह प्रकरण शासन नियुक्त इन रक्षकोंपर प्रश्नचिन्ह निर्माण करता है ! इससे पूर्व भी अनेक राज्योंमें गोभक्तोंद्वारा पुलिसपर गोतस्करोंको छोडनेके आरोप लगे हैं ! इससे ज्ञात होता है कि नियुक्त रक्षक न नागरिकोंकी रक्षामें पूर्ण समर्थ प्रतीत होते हैं, न धर्मकी, अन्यथा सभी अपराधोंका समाचार मूल तक रखने वाली पुलिसको गोतस्करोंका ज्ञान नहीं, यह कैसे सम्भव है ? अतः अब योगी शासन इसपर कडीसे कडी कार्यवाही कर धर्मान्ध गोतस्करको पकडे, ऐसी उनसे अपेक्षा है ।”-सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : पत्रिका
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