‘सलाम’ नहीं बोलनेपर बालकोंको पीटता था धर्मान्ध उर्दू शिक्षक !!


दिसम्बर १७, २०१८

उत्तर प्रदेशमें शाहजहांपुरके तिलहरमें उर्दू शिक्षककी मनमानीके चलते बच्चोंका विद्यालय आना दूभर हो चुका है ! यहां बिलहरी परिषदीय माध्यमिक विद्यालयका धर्मान्ध शिक्षक विद्यालय आनेपर इस्लामिक अभिवादन न करनेपर बच्चोंकी पिटाई करता है ! बच्चोंने इसकी परिवाद (शिकायत) विद्यालयमें प्रमुख सचिवके निरीक्षणके समय की तो शिक्षककी यह क्रूरता सामने आई ।

बच्चोंसे उनकी पीडा प्रमुख सचिवने सुनी तो वह अचम्भित हो गईं । उन्होंने विद्यालयमें सभी बच्चोंसे उस शिक्षकके बारेमें बात की तो दो-चार बच्चोंकी परिवादकी पुष्टि हो गई । इसके पश्चात प्रमुख सचिवने एसडीएमसे इस गम्भीर विषयमें जांच कर आरोपी अध्यापकके विरुद्ध कडी कार्यवाहीके आदेश दिए । बता दें कि प्रमुख सचिव डिम्पल वर्मा गत रविवारको तिलहरके बिलहरी परिषदीय विद्यालयका निरीक्षण करने पहुंचीं ।

उनके निरीक्षणके समय सूरज और प्रयांशू नामके दो बच्चे सामने आए । उन्होंने प्रमुख सचिवसे कहा कि जब वह प्रातः विद्यालयमें आते हैं, यह अध्यापकको (नाम चांदियां) ‘गुड मार्निंग’ करते हैं । यह सुनकर वह उन्हें पीटने लगते हैं । कहते हैं कि गुड मॉर्निंग नहीं ‘सलाम’ किया करो !

बच्चोंने बताया कि अधिकतर बच्चे पूरा सलाम भी सही नहीं बोल पाते, परन्तु वह अध्यापक केवल सलाम सुनना चाहता है । वह कट्टरतासे पीटता है । कुछ बच्चोंने प्रमुख सचिवको अपने शरीरपर पिटाईके निशान भी दिखाए । उन्होंने इस गम्भीर प्रकरणमे एसडीएम मोईन उल इस्लामको जांचके आदेश दिए । वहीं पिटाईसे परेशान बच्चोंने विद्यालय आना भी छोड दिया है । बच्चोंकी हुई पिटाईसे चोटपर मलहम-पट्टी कराई जा रही है ।

 

“वस्तुतः गुड मोर्निंग भी अनुचित अभिवादन है । हिन्दू बालकोंने जय श्री राम अथवा नमस्कार बोलना चाहिए, क्योंकि यही भारतीय संस्कृति है । परन्तु इस प्रकरणमें धर्मान्ध शिक्षककी हिन्दू बालकोंके प्रति विषकारक वृत्ति उजागर होती है । प्रशासन त्वरित धर्मान्ध शिक्षकको कडी कार्यवाही कर चाकरीसे बाहर करें व कारावासमें डालें, ताकि अन्य कोई ऐसा दुस्साहस कर सकें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : वन इण्डिया



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