दिसम्बर २०, २०१८
बिहारमें सत्ताकी लडाईके मध्य कांग्रेसने एक नया विवादित विज्ञापन-पट (पोस्टर) जारी किया है, जिसे भाजपा कार्यालयके सामने और पटनाके मुख्य चौराहोंपर लगाया गया है । इसपर अब राजनीति भी आरम्भ हो गई है और भाजपाने कहा है जो कांग्रेस भगवान रामकी नहीं हुई, वह हनुमानजीकी कैसे होगी ?
पांच राज्योंमें हुए विधानसभा मतदानमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढमें मिली विजयके पश्चात कांग्रेस उत्साहित है । विजयके उत्साहमें बिहार कांग्रेसकी ओरसे ‘पोस्टर’ युद्ध आरम्भ हो गया है । पटनामें बीजेपी कार्यालयके सामनेके साथ ही इनकम टैक्स गोलंबर और बेली रोडमें कांग्रेसने भगवान राम और हनुमानके चित्र वाला फलक (पोस्टर) लगाया है ।
वही बीजेपीने कहा जिस कांग्रेसका रामपर विश्वास नहीं है, उसको हनुमानका साथ नहीं मिल सकता । बिना रामके हनुमानकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है । कांग्रेसको रामायणपर भी विश्वास नहीं है । कांग्रेसने उच्चतमन्यायालयमें याचिका प्रविष्ट की थी और राम मंदिरके औचित्यपर प्रश्न किया था । वोटकी राजनीतिके लिए हनुमानके भक्त बनने लगे हैं, जो रामका नहीं हुआ, वह हनुमानका भी नहीं होगा !
वहीं, आरजेडीने कांग्रेसका समर्थन करते हुए कहा है कि तीनों राज्यका मतदान परिणाम मंगलवारके दिन आया और तीनों राज्य बीजेपीके हाथसे निकल गए । २०१९ में बीजेपीकी लंकामें आग हनुमान जी लगाएंगे !
“राजनीतिक दलोंको मतदानके समय ज्वलंत मुद्दे चाहिए और इन मुद्देकी वह खोजमें रहते हैं । उनके लिए राम, हनुमान किसीका कोई अर्थ नहीं होता है, बस इनके नामपर वोट ही सार्थक लगता है । नेता हममेंसे ही बनते हैं और हमें गत शताब्दियोंसे न धर्मका ज्ञान है और न ही हम प्राप्त करना चाहते हैं तो राजनेताओंमें धर्म संस्कार कहांसे आएंगें ?; अतः हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही इसका एकमात्र उपाय है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जीन्यूज
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