पुलवामा हिंसाका वीडियो सामने आया, पत्थरबाजोंसे घिर गए थे सैनिक !!


दिसम्बर २०, २०१८

पुलवामा जनपदमें हुई मुठभेडके समय भडकी हिंसाके कुछ वीडियो सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर प्रसारित हुए हैं, जिनसे पत्थरबाजों व प्रदर्शनकारियोंका सच सामने आया है । पुलिसके अनुसार वीडियोकी जांच करनी पडेगी कि वह उक्त घटनाके हैं या नहीं ?

घाटीमें प्रायः सुरक्षाबलोंकी ओरसे आतंकियोंके विरुद्ध चलाए जाने वाले अभियानमें स्थानीय युवा पत्थरबाजी कर बाधा बननेके साथ-साथ सैनिकोंको लक्ष्य बनाते हैं, परन्तु अपनी रक्षामें की गई कार्यवाहीमें यदि कोई पत्थरबाज चोटिल होता है या मारा जाता है तो सुरक्षाबलोंको कटघरेमें खडा कर दिया जाता है ।

ऐसी ही स्थिति गत शनिवारको पुलवामाके सिरनू क्षेत्रमें आई, जब आतंकी मुठभेडके समय पत्थरबाजोंने सुरक्षाबलोंपर धावा बोल दिया । सामाजिक प्रसार माध्यमपर इस घटनाके प्रसारित वीडियोने पत्थरबाजोंकी पोल खोल दी है ।

इनमें स्पष्ट दिख रहा है कि किस प्रकार पत्थरबाज सुरक्षाबलोंके वाहनको घेरकर पत्थर और लाठियां बरसा रहे हैं । अपने बचावमें की गई कार्यवाहीमें कई पत्थरबाज चोटिल हुए थे, जिनमेंसे सातने प्राण त्याग दिए । वहीं मुठभेडमें एक सैनिकभी हुतात्मा हुआ था ।

पूर्व मुख्यमन्त्री फारूक अब्दुल्लाने दुःख प्रकट करते हुए कहा है कि सेनाको बुलेटके स्थानपर वॉटर कैनन अथवा आंसू गैसके गोलेका प्रयोग करना चाहिए था । जो लोग मारे गए हैं, वे लौट कर नहीं आएंगे । आशा करते हैं कि सेना और पुलिस इसप्रकारके अभियान भविष्यमें नहीं करेगी ।

 

“इससे तथाकथित बुद्धिवादियों और राष्ट्रद्रोहियोंका सत्य उजागर होता है । बुद्धिवादी वातानुकूलित कक्षमें बैठकर कुछ भी भाषण देते हैं, सभी बुद्धिवादियोंको सीमापर भेजना चाहिए अथवा उनकी सन्तानोंको सेनामें रखना चाहिए तभी उन्हें इस सत्यका भान होगा ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



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