दिसम्बर २२, २०१८
असमके तिनसुकिया जनपदके पेंगेरीसे विद्यालयके दो छात्रोंके गुम (लापता) होने और उनके उल्फा स्वाधीनसे जुडनेके समाचारोंसे एक बार पुनः उग्रवादी संगठनकी बढती सक्रियतासे लोगोंमें भयका वातावरण बना हुआ है । ४ दिसम्बरसे ९वीं कक्षाके दो छात्र ऋतुराज मोरांन और मंटू मोरांनके गुम (लापता) होनेसे दोनोंके परिवार काफी परेशान हैं । पुलिसने प्राथमिकी प्रविष्ट करनेके पश्चात अन्वेषण तो आरम्भ कर दिया है, परन्तु आज तक दोनोंको ढूंढ नहीं पाई है ।
पुलिसने दोनों छात्रोंके मित्रोंसे पूछताछ और प्रारम्भिक जांचके पश्चात उनके उल्फा स्वाधीन संगठनमें सम्मिलित होनेकी आशंका प्रकट की है । परिजनोंने रो-रोकर ‘उल्फा स्वाधीन’के प्रमुख परेश बरुआसे दोनों छात्रोंको वापस घर भेज देनेकी विनती की है । बता दें कि गत कुछ समयसे असममें छात्रोंके उल्फा स्वाधीनमें सम्मिलित होनेके समाचारोंसे पुलिस प्रशासनकी नींद उडी हुई है । कुछ दिवस पूर्व ही उल्फा प्रमुख परेश बरुआका युवा भतीजा उल्फामें सम्मिलित हुआ है ।
तिनसुकिया अरुणाचल प्रदेशके घने जंगलोंका सीमासे घिरा होनेके कारण उल्फा स्वाधीन और नगालैण्डके आतंकवादी संगठनोंका शिविर होनेका कई बार प्रमाण मिल चुका है । सेनाने कई बार अभियान भी चलाया है, परन्तु सघन जंगल और दुर्गम पहाडी क्षेत्रोंमें हेलीकॉप्टरसे सेना निरीक्षण नहीं कर पाती है, जिस कारणसे उल्फा स्वाधीनके साथ अन्य उग्रवादी संगठनोंका शिविर अब भी यहां बताया जाता है ।
मंटूकी मांका कहना है, ”मेरा पुत्र मंटू मोरान कक्षा ९वींमें पढता है । ४ दिसम्बरकी संध्या हाथियोंका खेतोंमें उत्पात मचानेके समाचार मिलनेके पश्चात वह हम लोगोंके धानके खेत देखने गया, परन्तु उसके पश्चात वापस आज तक घर नहीं लौटकर आया है । हमने पुलिसमें प्राथमिकी भी प्रविष्ट करवाई है । पुलिस और हमें सन्देह है कि वह अपने मित्रके साथ उल्फा स्वाधीन आतंकवादी संगठनमें सम्मिलित हो गया है ।”
ऋतुराजकी मांने कहा, ”मेरा पुत्र ऋतुराज मोरान क्लास ९वींमें पढता है । एक दिन संध्या अपने पासके रहने वाले मित्र मंटू मोरानके साथ खेत देखने गया था, जो आज तक नहीं वापस आया है । पुलिसका कहना हैं कि दोनों अरुणाचल प्रदेशके जंगलोंमें जाकर उल्फामें सम्मिलित हो गए हैं । यदि यह सत्य हैं तो मैं उल्फा प्रमुख परेश बरुआसे विनती करती हूं कि हमारा पुत्र हमें लौटा दें, क्योंकि उसके बिना मैं जीवित नहीं रह पाऊंगी ।”
उल्लेखनीय है कि तिनसुकिया जनपदमें उल्फा स्वाधीन आतंकवादी संगठन सबसे अधिक सक्रिय है । गत कुछ दिवसोंमें उल्फा स्वाधीन आतंकवादी संगठनने कई दुष्कृत्य किए है । धौलाके ५ निर्धन श्रमिकोंके बर्बर हत्याकाण्डने देशको झकझोर कर रख दिया था, परन्तु अभी तक इस संगठनके कृत्योंपर पुलिस और सेना नियन्त्रण नहीं कर पाई है ।
स्रोत : जी न्यूज
Leave a Reply