दिसम्बर २३, २०१८
बुलंदशहर हिंसाको लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाहके वक्तव्यको आधार बनाकर पाकिस्तानके प्रधानमन्त्री इमरान खानने भारतके प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीपर लक्ष्य साधा था । इमरान खानने कहा था कि वे नरेन्द्र मोदीको दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकोंसे कैसा व्यवहार करते हैं ? पाकिस्तानी प्रधानमन्त्रीद्वारा भारतके प्रकरणमें दिए गए इस वक्तव्यपर नसीरुद्दीन शाहने कहा कि है कि उन्हें अपने देशसे सम्बन्धित मुद्दोंपर बात करनी चाहिए ।
एक अंग्रेजी समाचार पत्रको दिए साक्षात्कारमें पाकिस्तानके प्रधानमन्त्री इमरान खानपर टिप्पणी करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि खानको केवल उन मुद्दोंपर ही बात करनी चाहिए जो उनके देशसे सम्बन्धित हैं, न कि उन मुद्दोंपर जिनका उनसे लेना-देना ही नहीं है ! हम गत ७० वर्षोंसे एक लोकतन्त्र हैं और जानते हैं कि हमें अपनी देखभाल कैसे करनी है ?”
ओवैसीने भी इसपर आपत्ति प्रकट करते हुए ट्वीटमें लिखा है कि पाकिस्तानी संविधानके अनुसार केवल मुस्लिम ही राष्ट्रपति बननेकी योग्यता रखता है । भारतने विभिन्न शोषित समुदायोंके राष्ट्रपति देखे हैं । यह सही समय है जब साहब अल्पसंख्यक अधिकारों और समावेशी राजनीतिके बारेमें हमसे सीखें ।
“समूचे विश्वके समक्ष यह कहकर कि मुझे हिन्दुस्तानमें भय लगता है, अब नसरुद्दीन अपनी राष्ट्रभक्ति सिद्ध करना चाहते हैं ! यह भला किसप्रकारकी राष्ट्र भक्ति है ? यदि सत्यमें वे राष्ट्रनिष्ठ होते तो राष्ट्रने जो उन्हें आजतक जो दिया है, उसके लिए कृतज्ञता व्यक्त करते !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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