दिसम्बर २१, २०१८
दारुल उलूमके फतवेके पश्चात अब अब देवबंदके एक मुफ्तीने मुस्लिम महिलाओंके लिए अचम्भित करने वाला वक्तव्य दिया है । मुफ्ती अहमद गौडने कहा है कि दूरदर्शनपर जो भी मुस्लिम महिलाएं पत्रकारिता कर रही हैं, उन सभीको ‘स्कार्फ’ बांधकर काम करना चाहिए । साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि इस बातका भी ध्यान रखना चाहिए कि बाल खुले हुए न हों । उनकी माने तो महिला पत्रकारोंको बुर्केका प्रयोग करना चाहिए !
मुफ्तीने कहा है कि कोई भी आयका साधन जो सही और योग्य है, उन सबको शरियतने आज्ञा दी है । मुफ्तीके अनुसार दूरदर्शन संचपर पत्रकारिता करनेके लिए शरियतने जो ढंग बताया है, वह पर्दा है, परन्तु शरीयतकी बातों को मानना और नहीं मानना आपकी इच्छापर है ।
उन्होंने कहा कि पर्देका जो सही ढंग है, वह बुर्का है । बुर्का परदेका सबसे ऊपरी स्तर है, क्योंकि बुर्केमें मुंहसे लेकर शरीर तक ढंका होता है ।
बता दें कि गत कुछ दिवसोंमें सहारनपुर स्थित विश्व इस्लामिक संस्था, दारुल उलूमने एक नूतन फतवा जारी करते हुए किसी भी विवाह या अन्य बडे समारोहमें सामूहिक रूपसे पुरुषों और महिलाओंके भोजन करनेको ‘हराम’ बताया था । इतना ही नहीं, मुफ्तियोंने विवाहमें खडे होकर भोजनको भी ‘हराम’ बताया था ।
“यह हिन्दुस्तानका दुर्भाग्य है कि हिन्दुओंके देशमें अरबके मुसलमानोंकी भांति फतवे जारी किए जाते हैं । तुष्टिकरणकी नीतिको आगे-आगे बढाते हुए आज तकका कोई भी शासन इस तथाकथित शरियत और फतवोंपर प्रतिबन्ध नहीं लगा पाया है, यह लज्जाका विषय है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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