दिसम्बर २५, २०१८
जम्मू कश्मीरके पूर्व पुलिस महानिदेशक के. राजेन्द्र कुमारने कहा है कि कश्मीर प्रकरणसे निपटनेके लिए भारतको एक ‘स्पष्ट खाका’ अपनाना चाहिए । अफगानिस्तानसे अमेरिकी सेनाकी वापसीकी चर्चा करते हुए उन्होंने आशंका प्रकट की कि इसका घाटीपर भी प्रभाव पडेगा । इससे आतंकवादी संगठनोंका साहस बढ सकता है । कुमार पुणेमें सीमा संगठनकी ओरसे आयोजित ‘ललितादित्य स्मृति व्याख्यान’के मध्य बोल रहे थे । अपने भाषणके मध्य उन्होंने कहा कि आतंकवादका समर्थन करनेके प्रकरणमें पाकिस्तानको कडा संदेश देनेकी आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि इसका प्रखर उत्तर देनेके लिए पाकिस्तानको कडा सन्देश देनेकी आवश्यकता है । हमें पाकिस्तानको यह अनुभव करानेकी आवश्यकता है कि ऐसा करना उसके लिये बहुत महंगा सिद्ध होगा, क्योंकि आज भी पाकिस्तानको इसकी चुभनका अनुभव नहीं है । उन्होंने कहा कि जहां तक आतंकवादियोंके प्रशिक्षण शिविरों और आतंकवादी स्थानोंका सम्बन्व है, भारतको पाकिस्तानसे कडे रवैयेसे निपटनेकी आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि अमेरिका अब अफगानिस्तानसे हट रहा है । इसका कश्मीरपर भी प्रभाव पडने वाला है । यह उस समयकी बात है कि हम घाटीमें भी इसका प्रभाव अनुभव करेंगें । अमेरिकी सेनाकी वापसीसे आतंकवादी संगठनोंका साहस बढेगा !
“भारतको इस स्थितिसे निपटनेके लिए सज्ज रहना चाहिए व पूर्वयोजना अति आवश्यक है; क्योंकि अमेरिकाका नियन्त्रण हटना अर्थात आतंकियोंका साहस बढना और इसका प्रभाव निश्चित ही भारतपर भी पडेगा, अतः शासन इसपर पूर्वनियोजन कर कश्मीर समस्याका त्वरित समाधान निकाले, यही राष्ट्र हितमें है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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