दिसम्बर २६, २०१८
राष्ट्रीय जांच विभागने बुधवार, २६ दिसम्बरको उत्तर प्रदेश और नई दिल्लीसे १० लोगोंको बन्दी बना लिया । उत्तर भारत, विशेषतः राष्ट्रीय राजधानीमें बम विस्फोट करनेकी योजना बना रहे ‘आईएसआईएस’से प्रेरित एक नूतन प्रखरूपमें (मॉड्यूलमें) सम्मिलित होनेके सन्देहमें इन १० लोगोंको बन्दी बना लिया गया है ।
उन्होंने बताया कि जांच विभागने ‘हरकत उल हर्ब ए इस्लाम’ नामके नूतन संगठनकी अपनी जांचके लिए उत्तर प्रदेश और नई दिल्लीमें १७ स्थानोंपर छापेमारी की ।
आतंकवाद निरोधक दलके (एटीएस) महानिरीक्षक (आईजी) असीम अरुणने लखनऊमें बताया कि जांच विभागकी ओरसे बन्दी बनाए गए १० लोगोंमेंसे पांचको पश्चिमी उत्तर प्रदेशके अमरोहा जनपदसे पकडा गया । उत्तर प्रदेशके एटीएसके साथ एक संयुक्त अभियानमें एनआईएने यह कार्यवाही की ।
अपुष्ट सूत्रोंका कहना है कि दलने संदिग्ध लोगोंके ठिकानोंसे बडी मात्रामें आरडीएक्स, जिलेटिन छडें और प्राप्त किया है ! कुछ बन्दूके और तमंचे भी मिले हैं । बताया गया है कि एनआईए तीनों संदिग्धोंको उठा कर ले गई है । उनके सम्बन्ध आतंकियोंसे बताए जा रहे हैं ।
अमरोहामें मुफ्ती सोहेल इनका मुख्य बताया जा रहा है । यह दिल्लीके किसी मदरसेमें पढानेका कार्य करता है । सम्भवतः इसने देवबंदसे भी शिक्षा प्राप्त की है । इसके घरके लोग और सम्बन्धी भी शिक्षीत और शैक्षिक गतिविधियोंसे जुडे बताए जा रहे हैं ।
अधिकारियोंने बताया कि पांच अन्योंको दिल्ली पुलिसकी विशेष शाखाकी सहायतासे उत्तर-पूर्व दिल्लीसे बन्दी बनाया गया है । एनआईएके प्रवक्ताने बताया, अन्वेषण चल रहा है । अधिकारियोंके अनुसार, संदेहास्पद गतिविधियोंकी सूचना मिलनेके पश्चात गत कुछ समयसे एनआईएकी इस समूहपर दृष्टि थी ।
“जिन लोगोंको पश्चिमी उत्तरप्रदेशसे बन्दी बनाया गया है, वे सभी धर्मान्ध हैं, कोई अभियन्ता है और उनका मुखिया शिक्षीत है, जो मदरसेमें शिक्षा देता है ! मदरसोंमें आतंकी शिक्षा दी जाती है तो प्रशासन इनपर प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगाता है ? सम्भवतः ऐसे कितने आतंकी संगठन इस देशमें होंगें ?, इसका तो अभी ज्ञान भी नहीं है, क्योंकि पूर्वमें भी अनेक राज्योंसे धर्मान्धोंके आतंकी संगठनके सम्पर्कमें होनेके समाचार आ चुके हैं । जो धर्मान्ध भारतमें रहकर भी आज भी पाकिस्तान परस्त है, वे देशमें रहने योग्य हैं क्या ? राष्ट्र सर्वोप्रिय है अथवा हमारी भ्रामक धर्मनिरपेक्ष छवि ? स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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