दिसम्बर २७, २०१८
‘ग्रेटर नोएडा’के ‘सेक्टर-३७’में कथाके नामपर एक सार्वजनिक स्थलपर लगाए गए पण्डालको प्रशासनद्वारा बुधवार, २६ दिसम्बरको हटा दिया गया । अधिकारियोंका कहना था कि ये पण्डाल अवैध रूपसे लगाया गया है और इसके लिए किसी प्रकारकी आज्ञा नहीं ली गई । बता दें कि दो दिवस पूर्व ही ‘सेक्टर-५८’में नोएडा पुलिसने कम्पनियोंको अधिसूचना भेजकर कहा है कि यदि उनका कोई कर्मचारी सार्वजनिक पार्कमें नमाज पढता पाया जाता है तो इसके विरुद्ध कम्पनीपर कार्यवाही होगी ।
ग्रेटर नोएडाके पुलिस अधिकारियोंने बताया कि उन्हें ‘सेक्टर-३७’में रहने वाले कुछ लोगोंकी ओरसे परिवाद मिली थी कि कासना क्षेत्रमें कुछ लोगोंने पूजाके लिए अवैध पण्डाल लगाया है, जिसके पश्चात कार्यक्रमके मध्यमें ही पहुंचकर पण्डालको हटाया गया । ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणके अतिक्रमण दलने उखाड देनेपर आयोजन करने वाले लोगोंमें रोष है । अधिकारियोंका कहना है कि भागवत कथाका आयोजन बिना अनुमतिके पार्कमें किया जा रहा था । श्रद्धालुओंके क्रोधसे तनावको देखते हुए भारी संख्यामें पुलिस बल तैनात कर दिया गया है । बताया जा रहा है कि यहांके लोगोंने कुछ समय पूर्व प्रतिमाओंकी भी स्थापना की थी, परन्तु प्राधिकरण नहीं चाहता कि यहांपर लोग किसी प्रकारकी धार्मिक गतिविधि करें ।
साथ ही आयोजकोंको बता दिया गया है कि यदि उन्हें पूजाके लिए या किसी भी अन्य कार्यक्रमके लिए पण्डाल लगाना है तो वे ‘ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण’से आज्ञा लेकर ऐसा कर सकते हैं । कासना पुलिस स्टेशनके अधिकारी रामफल सिंहने स्पष्ट किया कि पण्डाल हटानेके काममें पुलिसका कोई अधिकारी संलिप्त नहीं था ।
“तो क्या अब हिन्दू अपने ही देशमें यदा-कदा होने वाले धर्मानुष्ठान भी नहीं कर सकते हैं ? समूचे देहली व एनसीआरक्षेत्रमें अवैधानिक निर्माण स्थान-स्थानपर है, जिससे नगरकी अवस्था जर्जर है, परन्तु विचित्र है कि शासनको परेशानी एक भागवत कथाके पण्डालसे हुई । मुसलमान प्रतिदिन नमाजके नामपर एकत्र होते हैं और अधिकाधिक बढते जाते हैं और सुरक्षाके लिए संकट उत्पन्न होता है, परन्तु शान्तिपूर्ण होने वाली भागवत कथाके पण्डालको गिराना दुभाग्यपूर्ण है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : वन इण्डिया
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