जनवरी २, २०१८
राजस्थानकी महिला एवं बाल विकास राज्यमन्त्री ममता भूपेश जातिके विवादित वक्तव्यसे पलट गईं । जातिके विवादित वक्तव्यके पश्चात ममता भूपेशने स्पष्टीकरण देते हुए यह कहा कि वे महिला बाल विकास मन्त्री हैं और महिलाओंके लिए ही बात कर रही थी, इसलिए वे महिला जातिकी बात कर रही थीं । ममता भूपेशने अलवरमें दिए विवादित वक्तव्यके पश्चात विरोध हो रहा था । उन्होनें अपने वक्तव्यमें प्रदेशको नहीं, वरन स्वयंके समाजको महत्ता दी थी । उन्होंने कहा था कि पहला कार्य हमारी जातिके लिए होगा ।
ममता भूपेशने कहा कि “मैं महिला बाल विकासकी मन्त्री हूं, अलवरमें मैंने महिला जातिकी बात कही थी । मैं महिला हूं, महिला ही मेरी जाति है ।” उन्होंने कुछ दिवस पूर्व अलवरमें सभाको सम्बोधित करते हुए कहा था कि प्रथम कार्य हमारा हमारी जातिके लिए, उसके पश्चात हमारे समाजके लिए, उसके पश्चात सर्व समाजके लिए, सबके लिए ।
“बाल विकस मन्त्री लोगोंके कार्यके लिए पीठ न दिखानेकी बात कह रही हैं, जो अच्छी बात है, परन्तु हिन्दू समाज आज पहले ही जाति-उपजातिमें विभाजित है, ऐसेमें मन्त्रियों व शासकगणोंका उन्हें और विभाजित करना राष्ट्रको नर्कमें ले जाने जैसा है । समाज तभी कार्यरत होता है, जब सब एकत्र हो व शास्त्रानुसार कृत्य करते हों । हिन्दू भी स्वयंको विभाजित न कर एकत्र हो ताकि शत्रु आपको तोड न सकें । स्मरण रहे कि राष्ट्रकी अखण्डता हेतु हमें ही एकत्र रहना होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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