जनवरी ९, २०१९
बिहारके पूर्व मुख्यमन्त्रियोंको निशुल्कमें आजीवन भवन आवंटन करानेके प्रकरणमें पटना उच्च न्यायालयने प्रश्न करते हुए बिहार शासन सहित उन पूर्व मुख्यमंत्रियोंको मंगलवारको नोटिस जारी किया है, जिन्हें इस प्रावधानके अन्तर्गत आवास आवंटित किए गए हैं ।
पटना उच्च न्यायालयने सभीसे चार सप्ताहके भीतर उत्तर देनेको कहा है । पटना उच्च न्यायालयके मुख्य न्यायधीश ए. पी. शाही और न्यायाधीश अंजना मिश्राकी खण्डपीठने पूर्व मुख्यमन्त्रियोंको आजीवन भवन आवंटनके प्रकरणवाले विधानपर प्रश्न करते हुए राज्य शासन एवं पूर्व मुख्यमन्त्रियोंको अधिसूचना देकर मांगा है कि उन्हें बिहार राज्य विशेष सुरक्षा कानूनके अन्तर्गत सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए तो वे पटना में स्थित अपने निजी आवासों में क्यों नहीं रह सकते?
बिहारके महाधिवक्ता ललित किशोरने ‘आईएएनएस’को बताया कि राज्य शासनकी ओरसे याचिका राज्यके मुख्य सचिवकेद्वारा प्रविष्ट करनेका आदेश न्यायलयने दिया है । उन्होंने बताया कि इस प्रकरणकी अगली सुनवाई ११ फरवरीको होगी । उन्होंने बताया कि न्यायालयने यह भी कहा है कि उत्तरप्रदेशमें भी इस प्रकारका आदेश जारी किया गया था, जिसे सर्वोच्च न्यायालयने निरस्त कर दिया है ।
उल्लेखनीय है कि बिहार शासनने एक व्यवस्थाके अनुसार, राज्यके पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, डॉ.जगन्नाथ मिश्र, जीतन राम मांझी तथा सतीश प्रसाद सिंह को आजीवन शासकीय आवास उपलब्ध कराया है, साथ ही उनको अन्य सुविधाएं भी मिली हुई हैं ।
पूर्व उप मुख्यमन्त्री तेजस्वी यादवके शासकीय आवासीयके रिक्त करानेके प्रकरणमें याचिका की
सोमवारको वार्ताके मध्य न्यायालयको बताया गया था कि एक ओर तेजस्वीको भवन रिक्त करनेको कहा गया है, परन्तु कई पूर्व मुख्यमंत्रियोंको आजीवन आवास उपलब्ध कराया गया है । इसके पश्चात न्यायालयने इसमें स्वत: संज्ञान ले लिया ।
“एक साधारण नागरिक नेता आदि बनता है, उसे शासकीय आवास या अन्य सुविधाएं मिलती हैं । जब वह नेता नहीं रहता है तो क्या उसे वहीं सुविधाएं मिलती रहनी चाहिए ? क्या यह खुलेमें गर्वसे किया अधिग्रहण चोरी नहीं ? क्या न्यायालयद्वारा ऐसे निधर्मी व लोभियोंपर आपराधिक अभियोग नहीं चलाना चाहिए ? परन्तु स्पष्ट है, तथाकथित लोकतन्त्र व शासकवर्गोंने सिद्धान्तोंकी परिभाषाका भी ह्रास कर दिया है कि जो रात्रिमें सेन्ध लगाकर अधिकृत करता है, वह चोर है और जो खुलेमें लूट करता है, वह हमारा पूर्व शासक !!”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
Leave a Reply