जनवरी ९, २०१९
भारतीय प्रशासनिक सेवामें २०१० में देशभरमें शीर्षपर रहे शाह फैसलने बुधवार, ९ जनवरीको आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कश्मीरमें कथित हत्याओंके विरुद्ध ‘आईएएस’से त्यगपत्र देनेका निर्णय किया है । फैसलने ‘फेसबुक’पर एक लेखमें यह घोषणा की । इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि वह शुक्रवारको एक प्रेस वार्ता कर भविष्यको लेकर अपनी योजनाओंके बारेमें बताएंगें ।
उन्होंने लिखा, “कश्मीरमें निरन्तर हत्याओंके प्रकरण और केन्द्र शासनकी ओरसे कोई गम्भीर प्रयास नहीं होनेके कारण, हिंदुवादी शक्तियोंद्वारा लगभग २० कोटि भारतीय मुस्लिमोंको अन्तिम छोरपर डालनेके कारण उनके द्वितीय स्तरका हो जाने, जम्मू कश्मीर राज्यकी विशेष स्थितिपर कपटपूर्ण प्रहार तथा भारतमें अति-राष्ट्रवादके नामपर असहिष्णुता एवं घृणाकी बढती संस्कृतिके विरुद्ध मैंने ‘आईएएस’से त्यागपत्र देनेका निर्णय किया है ।”
फैसलने ‘आईएएस’में चयन किए जाने और इसके आगेकी यात्रामें उनका समर्थन करनेके लिए मित्रोंं, परिवार और शुभचिन्तकोंका धन्यवाद किया । उन्होंने कहा कि मेरा महत्वपूर्ण कार्य प्रशासनिक सेवामें आनेके इच्छुक युवाओंको प्रशिक्षित करना होगा ताकि उनका स्वप्न पूर्ण हो ।
“हिन्दुस्तानकी भूमिपर बढे और राष्ट्रने वह सब दिया जो किसी इस्लामिक देशमें सम्भवतः नहीं मिलता, तदोपरान्त हिन्दुस्तानको ‘रेपिस्तान’ कहनेवालेसे क्या राष्ट्रकी सेवाकी अपेक्षा की जा सकती है ? हिन्दू बहुल राष्ट्रमें अब धर्मान्ध अधिकारीको प्रथम स्तरका स्थान चाहिए, ताकि इसे भी एक इस्लामिक राष्ट्र बनाया जा सकें ? यह उन लोगोंके लिए एक शिक्षा है, जो कहते हैं कि आजकी तथाकथित शिक्षा देनेसे धर्मान्धोंकी बुद्धि परिवर्तन किया जा सकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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