जनवरी १०, २०१९
कर्नाटकमें जेडीएस और कांग्रेसके सम्बन्ध निरन्तर बिगडते दिख रहे हैं । गठबंधन शासनकी कमान सम्भाल रहे मुख्यमन्त्री एचडी कुमारस्वामीने संकेत दिए हैं कि कर्नाटक शासन आगामी लोकसभा मतदानके पश्चात अधिक दिन तक नहीं टिक पाएगा ।
जेडीएसके विधायकों और विधानपार्षदोंकी बैठकको सम्बोधित करते हुए कर्नाटकके मुख्यमन्त्री कुमारस्वामी भावुक हो गए । उन्होंने कहा कि वे प्रत्येक वस्तुमें कांग्रेसके निरन्तर हस्तक्षेपके कारण मुख्यमन्त्री नहीं, वरन एक क्लर्ककी भांति कार्य कर रहे हैं ।
जेडीएसके कुछ विधायकोंके अनुसार कुमारस्वामीने गठबन्धन शासन बननेके पश्चात जेडीएसके सामने आनेवाली कठिनाइयोंके बारेमें बताया था । उल्लेखनीय है कि गत वर्ष मईमें भाजपाको सत्तासे हटानेके लिए जेडीएसने कांग्रेसके साथ हाथ मिला लिया था ।
कुमारस्वामीने कहा कि कांग्रेसके नेता उनसे वह सब कुछ करनेके लिए विवश कर रहे हैं, जो उनके पक्षमें है और इसे माननेके अतिरिक्त उनके पास कोई अन्य विकल्प भी नहीं है ! कुमारस्वामीने बताया कि वह अत्यधिक दबावमें कार्य कर रहे हैं और कांग्रेसके नेता सदैव आशा करते हैं कि वे उनका कहना माने ।
बैठकमें उपस्थित रहे एक विधायकने कहा, “वह दुखी और भावुक हो गए । हमें बताया कि कांग्रेस उनपर दबाव बना रही है और उन्हें प्रत्येक प्रकारके आदेशोंपर हस्ताक्षर करनेके लिए विवश कर रही है । उन्हें मंत्रिमण्डलके विस्तारके लिए भी विवश किया गया और यहां तक कि उनकी स्वीकृतिके बिना शासकीय नियन्त्रित मण्डल और निगमोंके लिए अध्यक्ष भी नियुक्त कर दिए गए !”
बैठकमें उपस्थित एक नेताके अमुसार कुमारस्वामीके बडे भाई और पीडब्ल्यूडी मन्त्री एचडी रेवन्नाने लोकसभा मतदान तक उनके विरुद्ध एक शब्द भी नहीं बोलनेका वचन किया है ।
“यह आजकी राजनीतिका कटु सत्य है । स्वार्थवश नेता अन्य स्वार्थियोंसे मिलकर शासन स्थापित कर लेते हैं, तदोपरान्त तुष्टिकरणमें ही व्यस्त रहते हैं और आजकल तो सबको प्रसन्न रखनेका एक नवीन माध्यम चला है, जो अनेक राज्योंमें देखनेको मिल रहा है, जिसे ‘मन्त्रिमण्डलका विस्तार’ कहा जाता है, ताकि अधिकसे अधिक नेता लाभ ले सकें ! इस स्तरपर आई राजनीतिको सुधारनेके लिए हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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